नई दिल्ली, प्रेट्र। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्नदाब का क्षेत्र शनिवार को और गहरा हो सकता है। इसके मजबूत होने से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में अगले तीन दिन में भारी बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह संभावना जताई है। उपग्रह और रडार से प्राप्त ताजा चित्रों और मौसम निगरानी में पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निम्नदाब का क्षेत्र बनने का संकेत मिला है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटे के दौरान यह और गहरा हो सकता है और अगले 48 घंटे में यह पश्चिम उत्तर की तरफ ओडिशा तट की ओर बढ़ सकता है।

26 सितंबर को अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और दक्षिण एवं तटवर्ती ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। उत्तरी ओडिशा के भीतरी हिस्से, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना में छिटपुट जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे वेग से चलने वाली तूफानी हवा की गति 26 सितंबर को उत्तर पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी एवं ओडिशा के तट, बंगाल एवं उत्तर आंध्र प्रदेश में 75 किलोमीटर तक पहुंच सकती है।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक आज यानि शुक्रवार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व जम्मू में तेज बारिश होगी। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान व गुजरात के कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

राजधानी दिल्ली में 29 सितंबर तक होगी रुक-रुककर बारिश

आईएमडी के मुताबिक राजधानी दिल्ली व एनसीआर के इलाकों में 29 तक बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। बारिश के कारण शुक्रवार सुबह दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाण के कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट महसूस की गई है। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि राजस्थान, गोवा, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश में भी अलगे पांच दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। गुजरात में 25 व 26 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश में 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

 ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

 मौसम विभाग ने शनिवार को ओडिशा के भद्रक, केंद्रपाड़ा, कटक, खोरधा, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। रविवार को पुरी, खोरधा, गंजम, गजपति, कंधमाल में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। नबरंगपुर, नुआपाड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में सोमवार और मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे गहरे समुद्र में न जाएं और शनिवार तक तट पर लौट आएं।

 उत्तर प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। इस बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यूपी में लखनऊ समेत कई जिलों में दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, महराजगंज, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर व सुल्तानपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

जानें- इस समय क्यों हो रही है बारिश

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इस वक्त दक्षिणी-पश्चिमी हवाएं भरपूर नमी लेकर आ रही हैं। इस बीच बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के असर से कई स्थानों पर निम्न दबाव बन रहे हैं, इससे हवाएं चक्रवात बना रही हैं। इससे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। साथ ही गुजरात से बंगाल की खाड़ी तक बादल छाया हुआ है।

अभी सक्रिय रहेगा मानसून, दस दिनों तक वापसी के आसार नहीं

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अक्टूबर के पहले सप्ताह तक सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग भी मानता है कि कम से कम दस दिनों तक बारिश का दौर थमने की उम्मीद नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार मानसून की वापसी (पश्चिम राजस्थान से शुरू होकर) की शुरुआत की सामान्य तिथि 17 सितंबर है। 30 सितंबर तक बरसात का मौसम समाप्त हो जाता है, लेकिन इस साल इसकी संभावना नहीं दिख रही है। मानसून की वापसी में दो सप्ताह से अधिक की देरी हो रही है।

बंगाल की खाड़ी से एक के बाद दो और लो-प्रेशर सिस्टम आने की उम्मीद

आइएमडी के महानिदेशक डा. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि हम बंगाल की खाड़ी से एक के बाद दो और लो-प्रेशर सिस्टम आने की उम्मीद कर रहे हैं। इनमें से एक 26 सितंबर से ओडिशा को प्रभावित करना शुरू कर देगा तो दूसरा दो-तीन दिन बाद आएगा। ये दोनों सिस्टम मध्य भारत, पूर्व और उत्तर-पश्चिम के आसपास के हिस्सों में झमाझम बारिश करेंगे। इससे स्पष्ट है कि मानसून की विदाई में देरी होगी।

डा. महापात्रा ने बताया कि अगर पूर्वानुमान के रूप में ये दोनों लो प्रेशर सिस्टम सही ढंग से प्रभाव डालने में सफल रहे तो सितंबर में ऐसे पांच सिस्टम हो जाएंगे, जो इस 12 महीनों में किसी भी मानसून महीने के लिए सर्वाधिक होंगे। जुलाई में बंगाल की खाड़ी से बारिश लाने वाले चार लो प्रेशर सिस्टम थे, जबकि जून और अगस्त में दो-दो रहे थे। महापात्रा ने जोर देकर कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून की वापसी की संभावना नहीं है। इससे अधिक समय के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

Edited By: Sanjeev Tiwari