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नई दिल्‍ली, एजेंसी/ब्‍यूरो। मौसम का हाल बताने वाली निजी एजेंसी स्‍काई मेट वेदर (Skymet Weather) और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को मुंबई और राजस्‍थान में भारी से ज्‍यादा भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया। विभाग ने शुक्रवार से दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर दोबारा शुरू होने का पूर्वानुमान व्‍यक्‍त किया है। विभाग ने दिल्‍ली-एनसीआर में भारी बारिश को लेकर शुक्रवार और शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट किया है। विभाग के मुताबिक, दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश का दौर पूरे एक हफ्ते तक बने रहने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव बनने से खतरा 
मौसम विभाग (Indian Meteorological Department, IMD) ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण मुंबई में शुक्रवार, शानिवार और रविवार को भारी से ज्‍यादा भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं मध्‍य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुरकला, मुरैना, राजग़़ढ, छतरपुर, टीकमग़़ढ, पन्ना,सतना, रीवा में भी अच्‍छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। यही नहीं राज्‍य में चार अगस्‍त के बाद से एकबार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।

झारखंड और बिहार में फिर बारिश का दौर 
एजेंसी स्‍काईमेट के मुताबिक, झारखंड और बिहार के कई इलाकों शुक्रवार और शनिवार को एकबार फि‍र बारी बारिश लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती है। इधर दिल्‍ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के सांताक्रूज स्‍टेशन के मुताबिक, मुंबई के उपनगरीय इलाकों में बीते 24 घंटे में शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे तक 43.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि दक्षिण मुंबई के कोलाबा (Colaba) स्‍टेशन में 21.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग की मानें तो बीते तीन घंटों में ही 30 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।  

रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए दो दिन भारी 
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके चलते मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह भी दी गई है। अगस्त-सितंबर के दौरान देशभर में बारिश दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 100 फीसद होने की संभावना है। हालांकि इसमें आठ फीसद की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। अकेले अगस्त महीने में ही बारिश का एलपीए 99 फीसद होने की संभावना है। इसमें भी नौ फीसद की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। साल 1961-2010 की अवधि के आधार पर अगस्त-सितंबर में देशभर में बारिश का एलपीए 42.83 सेंटीमीटर है। 

वडोदरा में तीन दशक का रिकॉर्ड टूटा 
मौसम विभाग ने गुजरात के कई शहरों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका जताई है। विभाग ने बताया कि वडोदरा भारी बारिश ने बीते तीन दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आलम यह है कि लोगों की मदद के लिए एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम को उतारना पड़ा है। वहीं मध्य गुजरात में भारी बरसात के चलते विश्वामित्री नदी का पानी वडोदरा शहर में घुस आया और शहर टापू बन गया। नदी से कई मगरमच्छ भी शहर में घुस गए। वन विभाग की टीमों ने अब तक तीन मगरमच्छों को पकड़ा है। वहीं, दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और करीब पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

गुजरात में सेना भी लगाई गई 
प्रधानमंत्री कार्यालय राज्य सरकार के साथ संपर्क बनाए हुए है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बुधवार देर रात उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर हालात का जायजा लिया। वडोदरा और आसपास के इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की चार-चार टीमें, सेना व एसआरपी की दो-दो टीमों के अलावा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें भी कार्यरत हैं। इसके अलावा सूरत से भी फायर ब्रिगेड की टीमें बुलाई गई हैं। पुणे से एनडीआरएफ की पांच टीमें एयरलिफ्ट की जाएंगी। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव मुकेश पुरी ने बताया कि करीब 1500 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को क्लोरीन और ओआरएस का वितरण कर रहा है।

जम्मू-कश्‍मीर में बाढ़ का खतरा 
इसके अलावा जम्मू-कश्‍मीर में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सांबा एवं जम्मू में बसंतर, निक्की तवी व चिनाब दरिया से सटे इलाकों में सीमा सुरक्षाबल की करीब 18 चौकियों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। जम्मू संभाग में कठुआ से लेकर अखनूर तक 202 किलामीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) है। इसमें अखनूर में चिनाब के पार 10 किलोमीटर आइबी सेना के पास है। बाढ़ जैसे हालात का सामना करने में सीमा सुरक्षा बल के जवान चौकन्‍ने हैं। सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में अग्रिम चौकियों में तैनात जवानों को हर समय सतर्क रहने के लिए कहा गया है। क्‍योंकि संकेत भी मिल रहे हैं कि सीमा पार सक्रिय आतंकी घुसपैठ करने के लिए मौका तलाश रहे हैं।

राजस्‍थान, नगालैंड और बिहार में भयावह स्थिति 
राजस्‍थान के अजमेर में भी बाढ़ से हालात खराब हैं। रेलवे स्टेशन, सरकारी स्कूल और अस्पताल सहित कई इमारतों में पानी भर गया है। पुष्कर में तेज बारिश से जनजीवन पटरी से उतर गया है। अजमेर की प्रसिद्ध आनासागर झील से पानी बाहर निकलने लगा है। नगालैंड के दिमापुर इलाके में भी बाढ़ रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। वहीं बिहार में बाढ़ से अभी राहत नहीं मिली है। दरभंगा में बाढ़ से भयावह स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के कारण इस जिले के कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। सीतामढ़ी में बागमती और अधवारा समूह की नदियों के तेवर में नरमी है, मगर सोनबरसा, सुप्पी, बोखड़ा और रुन्नीसैदपुर के दर्जनों गांव, सीतामढ़ी शहर के कई मोहल्ले अब भी बाढ़ की गिरफ्त में हैं। 

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Posted By: Krishna Bihari Singh

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