नई दिल्ली, एजेंसियां।पश्चिमी विक्षोभ की व्यापकता के कारण 13 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) की भविष्यवाणी के मुताबिक शनिवार को ईरान और पड़ोस में एक चक्रवाती तूफान उठने वाला है।यही नहीं, बदलते मौसम की वजह से पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास बारिश होने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 जनवरी को हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। ओलावृष्टि और बिजली गिरने के साथ-साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश हो सकती है।

इस बीच देश भर में ठण्ड से राहत पाने के बाद, मध्य भारत में फिर से सर्द हवाएं चल रही हैं। इस क्षेत्र में आने वाली उत्तरपश्चिमी हवाओं के साथ, राजस्थान और गुजरात के न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जबकि छत्तीसगढ़, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

मौसम विभाग ने अपने अखिल भारतीय मौसम चेतावनी बुलेटिन में कहा, 'एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के 16 जनवरी 2020 को उत्तर पश्चिम भारत के पश्चिमी हिमालय और मैदानी इलाकों में सक्रिय होने से प्रभावित करने की संभावना है।'

ये हवाएं अगले 24 घंटों तक जारी रहेंगी, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे उत्तरी राजस्थान के एक दो इलाकों में शीत लहर की स्थिति बन सकती है।24 घंटों के बाद, राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन छत्तीसगढ़ में 1-2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट देखी जा सकती है।

जम्मू-कश्मीर में फिर बर्फबारी व बारिश के आसार

राज्य में दो दिनों से खिली धूप के बावजूद तापमान सामान्य से नीचे ही चल रहा है। रविवार देर शाम से उच्चपहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इस बीच शुक्रवार को लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 20.2 डिग्री सेल्सियस जबकि गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, ठंड के मौसम में उत्तर-पश्चिमी हवाएं ठंडी होती हैं जबकि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाएं इसकी तुलना में गर्म होती हैं। पिछले 48 घंटों के दौरान, मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट 8-10 डिग्री सेल्सियस है। तापमान में यह गिरावट पूरे उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हिमालय की बर्फीली ठंडी हवाओं का नतीजा है। इसी तरह सर्द हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

Posted By: Shashank Pandey

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