नई दिल्ली, एजेंसी। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और इससे सटे पूर्वी भारत पर भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। अगले 12 घंटों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और असम और मेघालय में भी भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणपूर्वी मानसून तय समय से करीब दो हफ्ते पहले ही पूरे देश पर छा गया है। उसका कहना है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों में भीषण बारिश होगी। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने  बताया कि दक्षिण पश्चिमी मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी इलाकों में बढ़ता जा रहा है।

आइएमडी के महानिदेशक मोहपात्रा ने कहा कि वर्ष 2013 के बाद पहली बार मानसून इतनी तेजी से पूर्वी हिमालय को बरसात से सराबोर कर रहा है। बिहार से लेकर पूर्वी विदर्भ तक झमाझम बरसात हो रही है। बंगाल की खाड़ी की ओर से दक्षिण पश्चिमी हवाओं के आने से बंगाल, पूर्वी भारत में अगले 2-3 दिन में जमकर बरसात होने की संभावना है। 28 और 29 जून को बिहार से लेकर पूर्वी राज्यों में बेहद तेज बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है।

बिहार में अगले 72 घंटे मूसलाधार बारिश के आसार, 8 जिलों में रेड अलर्ट

बिहार में मॉनसून पूरे तौर पर सक्रिय है, ऐसे में मौसम विभाग ने फिर से भारी बारिश और वज्रपात को लेकर राज्यभर के लिए 72 घंटे का अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि अगले 72 घंटे में राज्य में कम से कम 100 मिमी बारिश होगी। अबतक हुई बारिश ने पिछले 22 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और राज्य में अबतक 254 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो कि सामान्य से 87 फीसद अधिक है।

राज्य के उत्तरी बिहार में जहां लगातार भारी और मध्यम बारिश होने से नदियों पर खतरा मंडराने लगा है वहीं मौसम विभाग ने पश्चिमी और मध्य बिहार में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन जिलों में रेड अलर्ट किया गया है वो हैं पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सहरसा. यहां भारी बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि राजधानी पटना के लिए 4 दिन फिलहाल राहत की बात है कि मौसम विभाग ने हल्की और मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

यूपी में कुछ जगह आज भी बारिश होने के आसार

उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में लोग उमस से परेशान रहे वहीं बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। इस दौरान बुंदेलखंड में बारिश होना मानसून का सबसे सुखद संकेत रहा। रविवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। दरअसल, झांसी के आसमान में कई दिन से उमड़-घुमड़ रहीं काली घटाएं शनिवार को झूमकर बरसीं। सुबह जब लोग जागे तो बदले मौसम ने स्वागत किया। वर्षामापी यंत्र में 89 मिमी (3.50 इंच) बारिश दर्ज की गई। मानसून में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बुंदेलखंड तबाही के मुहाने पर खड़ा है। हर तरफ सूखे जैसे हालात बन गए हैं तो पानी धरातल की गहराई में समा गया है, जिससे पेयजल व्यवस्था भी लड़खड़ाने लगी है लेकिन रविवार सुबह घटाएं इतनी गहरी हो गई कि अंधेरा-सा छा गया। प्रात: 8.15 बजे से बारिश ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी, जिसके बाद तो वेग बढ़ता ही गया। प्रात: 10 बजे तक जमकर बरसात के बाद रफ्तार कम हो गई, लेकिन बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं हल्की कहीं भारी बारिश जारी रहेगी। राजधानी लखनऊ में भी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। रविवार को प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और कई जगह बौछारें भी पड़ेंगी। वहीं पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है।

मप्र प्रदेश में 29 से तेज बारिश से आसार

वातावरण में मौजूद नमी के कारण प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद है। दिन में तापमान बढ़ते ही बारिश होने लगती है। बंगाल की खाड़ी में एक ऊपरी हवा का चक्रवात बनने जा रहा है। उसके आगे बढ़कर सक्रिय होने पर 29 जून से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश की शुरुआत होने की संभावना है।

पंजाब में मानसून ने नहीं पकड़ी रफतार, तीसरे दिन भी हल्की बारिश

पंजाब में मानसून आ चुका है, लेकिन अभी तक पूरी तरह रफ्तार नहीं पकड़ी है। शनिवार को भी कई जिलों में केवल हल्की बारिश हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार से लेकर आगामी तीन जुलाई तक पंजाब में धूल भरी हवाओं के साथ बादल छाए रह सकते हैं और कई जिलों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार शनिवार को बठिंडा में 0.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि यहां अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री रहा। अमृतसर में भी कई जगहों पर बूंदाबांदी हुई और यहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना में हल्की बारिश से दिन का तापमान 37.3 डिग्री रहा। पटियाला में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री व पठानकोट में 37.5 डिग्री दर्ज किया गया।

असम में बाढ़ से अब तक 16 की मौत, 4.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। राज्य में इसमें दो और लोगों की मौत हुई है। वहीं, बागजान में क्षतिग्रस्त गैस कुएं में आग बुझाने के सारे कार्य स्थगित कर दिये गये हैं क्योंकि वहां बाढ़ का पानी घुस गया है। राज्य में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ का पानी राज्य के 21 जिलों में प्रवेश कर चुका है, जिससे 4.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। तिनसुकिया जिले में बागजान स्थित कुआं संख्या पांच से पिछले 32 दिनों से लगातार गैस का अनियंत्रित रिसाव हो रहा है।

कुएं में 27 मई को एक विस्फोट होने के बाद आग लग गई थी और इसमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के दो कर्मी मारे गये थे। कंपनी ने बताया कि बागजान में और इसके आसपास की सभी नदियों में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। डांगोरी नदी उफान पर है और आग बुझाने के लिये कुएं के ऊपर लगाया गया पंप उसके पानी में डूब गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक, गोवालपारा जिले के बालिजाना और मटिया में बाढ़ के पानी के कारण दो लोगों की मौत हो गई।

Posted By: Sanjeev Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस