नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अबु जुंदाल, फसीह मुहम्मद, अब्दुल करीम टुंडा और यासीन भटकल जैसे बड़े आतंकियों को भारत लाने में मिली कामयाबी से भारतीय एजेंसियों के हौसले बुलंद हैं। एजेंसियों की नजर अब भारत के नंबर एक मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम पर है। दाऊद को भारत लाकर कानून के कठघरे में खड़ा करने की कोशिश के जल्द ही सफल होने की ओर इशारा करते हुए सोमवार को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि 'एक-एक कर हम सबको लाएंगे। थोड़ा इंतजार करें।'

अंतरराष्ट्रीय आतंकी दाऊद इब्राहिम को भारत लाने सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी सफलता होगी। दाऊद न सिर्फ मुंबई के 1993 के बम धमाकों का आरोपी है, बल्कि अलकायदा से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर रखा है। इसके बाद अमेरिका ने पूरी दुनिया में दाऊद के खातों को सील कर दिया था। भारतीय एजेंसियां लगातार दाऊद के पाकिस्तान के कराची शहर में रहने का सुबूत देती रही हैं। एजेंसियों के अनुसार दाऊद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के संरक्षण में है, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने आधिकारिक रूप से कभी इसे स्वीकार नहीं किया है।

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गौरतलब है कि अभी तक भारत सरकार की ओर किसी भी अधिकारी या मंत्री ने दाऊद को वापस लाने की घोषणा नहीं की थी। पिछले हफ्ते लोकसभा में एक सवाल के जवाब में खुद शिंदे ने दाऊद के पाकिस्तान में होने के कारण उसे भारत लाने में लाचारी जताई थी, लेकिन यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद शिंदे ने दाऊद समेत पाकिस्तान में छिपे तमाम आतंकियों को वापस लाने का संकेत दिया है।

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