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मणिपुर के नोनी में हिंसा, सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी; कुकी-जो समुदाय के तीन लोगों की मौत

Published: Sun, 01 Nov 2026 02:36 AM (IST)

मणिपुर में हिंसा थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कुकी आदिवासी संगठन कुकी इनपी मणिपुर (केआइएम) ने शनिवार ...और पढ़ें

मणिपुर के नोनी में हिंसा, सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी

मणिपुर के नोनी में हिंसा, सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी

HighLights

  1. कुकी संगठन ने एनएससीएन-आइएम पर लगाया हत्या का आरोप

  2. पुलिस ने कहा, सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी में हुई तीनों की मौत

आईएएनएस, इंफाल। मणिपुर में हिंसा थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कुकी आदिवासी संगठन कुकी इनपी मणिपुर (केआइएम) ने शनिवार को आरोप लगाया है कि नोनी जिले में तीन कुकी-जो गांव के स्वयंसेवकों की हत्या की गई है।

केआइएम ने आरोप लगाया कि इन तीनों की हत्या नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम- इसाक मुइवा (एनएससीएन-आइएम) और जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ-के) के कामसन गुट के सशस्त्र कैडरों ने की।

हालांकि, पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में तीनों की मौत हुई। इस घटना के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।

केआइएम ने शनिवार को जारी बयान में राज्य सरकार पर कुकी-जो आबादी वाले गांवों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहने का आरोप लगाया।

संगठन के सूचना एवं प्रचार सचिव जांगहाओलुन हाओकिप ने कहा कि बार-बार खतरे की चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए।

संगठन का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में ग्रामीणों को अपने घरों और समुदाय की रक्षा के लिए वालंटियर बनना पड़ा। केआइएम ने यह भी आरोप लगाया कि हत्या के बाद मृतकों के शवों का अपमान किया गया।

संगठन ने सरकार से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने तथा नोनी जिले के संवेदनशील गांवों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

मणिपुर में मैतेयी संगठनों ने किया प्रदर्शन

मणिपुर में उग्रवादी समूहों के साथ सस्पेंशन आफ आपरेशंस (एसओओ) समझौता रद करने और मूल निवासियों की सुरक्षा की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी इंफाल में प्रदर्शन किया गया।

मैतेयी संगठनों की शीर्ष संस्था कोआर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (सीओसीओएमआइ) के नेतृत्व में आयोजित रैली को कई नगा संगठनों का भी समर्थन मिला।

हजारों लोगों ने इंफाल पश्चिम जिले में टिडिम मैदान से थाउ मैदान की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने लोक भवन, मुख्यमंत्री कार्यालय और भाजपा के राज्य कार्यालय से कुछ सौ मीटर दूर अवरोधक लगा दिए और रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया।

नगा संगठनों ने भी चंदेल और सेनापति जिलों में मार्च निकाला। नगा संगठनों ने कुकी-जो उग्रवादी समूहों पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाते हुए एसओओ समझौता खत्म करने की मांग भी की है।

विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में किया गया है जब कुछ दिन पहले उग्रवादियों ने मैतेयी समुदाय के 14 लोगों पर घात लगाकर गोलीबारी की थी। इस हमले में मैतेयी समुदाय के तीन लोग मारे गए थे। केंद्र, मणिपुर सरकार और कुकी-जो उग्रवादी समूहों ने अगस्त 2008 में एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

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