रायपुर, जेएनएन। रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में एक चिकित्सक की अजीबो गरीब हरकत ने वहां ड्यूटी दे रही नर्सेस को हैरत में डाल दिया। दरअसल यह चिकित्सक नाईट ड्यूटी दे रही नर्सेस को अपने सामने बैठने के लिए कह रहा था और खुद मूंगफली खा रहा था। चिकित्सक ने करीब 1 किलो मूंगफली मंगवा कर रखी हुई थी।

उसका कहना था कि जब तक मूंगफली खत्म नहीं होती तब तक नर्सेस को यहां बैठना होगा। इस तरह के फरमान के बाद नर्सेस ने विरोध जताते हुए संबंधित अधिकारी से फरमान सुनाने वाले जूडा की शिकायत की लेकिन जूडा की इस हरकत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बहरहाल नर्सेस का कहना है कि उन्हें डर लग रहा है और वे ऐसी स्थिति में कार्य नहीं कर सकती हैं। चिकित्सक के इस तरह के व्यवहार की चिकित्सालय में चर्चा रही। नर्सेस का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन से की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। चिकित्सक ने जो निर्देश दिए वे अजीब से थे।

नर्सेस का मानना था कि उन्हें वार्डस में जाना था और उनका कार्य चिकित्सक के निर्देश से प्रभावित हो रहा था।डॉक्टर का यह ड्रामा चला। मरीजों की देखरेख के लिए कोई नहीं था। इसके बाद डॉक्टर ने सभी को जाने के लिए कह दिया। यह अच्छा था कि सीनियर के इस बर्ताव को लेकर नर्सेस खामोश नहीं बैठी।

इन्होंने प्राचार्य डॉ. जीएस बघेल को शुक्रवार की सुबह ही शिकायत कर दी, मगर प्रबंधन का गैरजिम्मेदाराना रवैया देखिए कि शिकायत पर कोई कार्रवाई करना तो दूर, आरोपी डॉक्टर से जवाब-तलब तक नहीं हुआ। जब इस पर कॉलेज प्राचार्य से बात करने की कोशिश की, मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक इन्होंने अपने सीनियर से भी शिकायत की थी, मगर इन्होंने कह दिया कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं डॉक्टर इंचार्ज और अस्पताल अधीक्षक से बात करें।

राजधानी के सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल में सरकारी डॉक्टर ने अजीबोगरीब तरीके से रात को नर्सेस को प्रताड़ित किया। गुरुवार की रात 12 बजे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर स्टाफ के ड्यूटी रूम में एक किलो मूंगफली लेकर पहुंचा। सभी वार्डों की स्टाफ नर्सों को बुलाया। सामने बैठ कर बोला- 'जब तक ये फल्ली खाऊंगा, तब तक कोई भी यहां से जाएगा नहीं। सब मेरे सामने बैठे रहेंगे।'

अब बेचारी नर्स भी क्या करतीं, सीनियर डॉक्टर का आदेश जो था, वे बैठ गईं। डॉक्टर का यह ड्रामा चला। गंभीर बात यह है कि सभी नर्स बैठ गईं थीं, इस कारण उस वक्त वार्डों में मरीजों की देखरेख के लिए कोई नहीं था। फल्ली खत्म होने के बाद ही डॉक्टर ने सभी को जाने दिया।

डॉक्टर का यह रवैया किसी को पसंद नहीं आया, मगर मजबूर नर्स चुप रहीं। इनमें से एक सीनियर नर्स चुप नहीं बैठी, उन्होंने प्राचार्य डॉ. जीएस बघेल को शुक्रवार की सुबह ही शिकायत कर दी। इसके बाद भी प्रबंधन का गैरजिम्मेदाराना रवैया देखिए कि शिकायत पर कोई कार्रवाई करना तो दूर, डॉक्टर से जवाब-तलब तक नहीं हुआ। चर्चा है कि नर्सेस को अधीक्षक से शिकायत करने की सलाह दे दी गई है।

वीडियो में है डॉक्टर का नाम, एक महिला से सुनिए लाइव
एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक महिला स्टाफ बोल रही है कि डॉ. सोमेश सर फल्ली खा रहे हैं। कह रहे हैं कि मेरे सामने बैठे रहे रात भर। यहां किसी को मरीजों की परवाह नहीं है। किसी को भी कोई परवाह नहीं है। वार्ड में सारे मरीज सो रहे हैं, लाइट बंद है।

अब बताइए, ऐसे मेंटल टार्चर में कोई कैसे ड्यूटी करेगा। इन लोगों का कहना है कि कोई अधिकार नहीं है कि हम उपस्थित हैं या नहीं, ये लिखे। हम ऐसे में कैसे ड्यूटी करें। (संभवत: यह वीडियो एक सीनियर नर्सिंग स्टाफ ने बनाया है।)

परिचारिका संघ ने किया विरोध
सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट चल रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ परिचारिका संघ ने घटना का कड़ा विरोध किया है। इन्होंने शासन-प्रशासन से पूछा है कि नर्सें जो दिन-रात सेवा देती हैं, क्या उन्हें ऐसा प्रतिफल मिलना चाहिए। इनके आरोप हैं कि महिला होने का फायदा उठाया जाता है, कमजोर समझा जाता है। इन्हें स्वास्थ्य मंत्री से अपील की है वे इस घटना को संज्ञान में लें और त्वरित कार्रवाई करें।

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Posted By: Nitin Arora

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