विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

तमिलनाडु: पॉक्सो केस में बिजनेसमैन वीरमणि का सहयोगी भी गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला?

Published: Thu, 24 Sep 2026 02:20 PM (IST)

सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने नाबालिग यौन शोषण से जुड़े पॉक्सो मामले में व्यवसायी वीरमणि के सहयोगी गणेशन को गिरफ्तार किया है। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।

व्यवसायी वीरमणि के सहयोगी गणेशन पॉक्सो मामले में गिरफ्तार

व्यवसायी वीरमणि के सहयोगी गणेशन पॉक्सो मामले में गिरफ्तार

HighLights

  1. व्यवसायी वीरमणि के सहयोगी गणेशन पॉक्सो मामले में गिरफ्तार।

  2. गणेशन के मोबाइल से नाबालिग यौन शोषण के वीडियो क्लिप मिले।

  3. मामले ने लिया राजनीतिक मोड़, पूर्व जांच अधिकारियों को समन।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण से जुड़े POCSO मामले में ग्रेनाइट व्यवसायी और जेम ग्रेनाइट्स के प्रमुख वीरमणि के लंबे समय सहयोगी रहे गणेशन को गिरफ्तार किया है।

गणेशन के फोन से मिली थी क्लिप्स

इस मामले में गिरफ्तार होने वाला गणेशन चौथा आरोपी है। पुलिस ने बताया कि उसने वीरमणि की कंपनी जेम ग्रेनाइट्स के साथ 23 साल तक काम किया था और अभी वह बालाजी ग्लोबल एंटरप्राइजेज में काम कर रहा है।

जांचकर्ताओं के मुताबिक गणेशन के मोबाइल फोन में कुछ वीडियो क्लिप्स थीं जिनमें कथित तौर पर वीरमणि को एक नाबालिग लड़की के साथ अश्लील हरकत करते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने कहा कि उसने इन वीडियो के बारे में अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी थी।

CCB मामले की जांच में जुटी

CCB अब इस बात की जांच कर रही है कि गणेशन के पास ये क्लिप्स कैसे आईं और उसने पुलिस को बताए बिना इन्हें अपने पास क्यों रखा। जांचकर्ता उसके मोबाइल फोन की भी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई डेटा डिलीट किया गया था।

क्या है वीरमणि मामला?

एंटी-वाइस स्क्वाड (AVS) द्वारा नाबालिग लड़कियों के कथित बलात्कार का मामला दर्ज किए जाने के बाद, 29 अगस्त को वीरमणि और उसके दो कथित साथियों को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद तीनों आरोपियों को पुझल सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक USB ड्राइव मिली जिसमें एक वीडियो क्लिप थी ।

इस क्लिप में कथित तौर पर वीरमणि एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण करते हुए दिख रहा था इस पूरे मामले की जांच के दौरान पीड़ित लड़की की पहचान हुई और ये बताया गया कि 2019 में जब ये अपराध हुआ था उस समय वह नाबालिग थी।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या पिछली जांच को प्रभावित करने के लिए कोई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या बिचौलियों का इस्तेमाल किया गया था।

मामले ने लिया सियासी रूप

इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। सत्ताधारी पार्टी TVK ने DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन से सवाल किया है कि जब DMK सत्ता में थी, तब इस पॉक्सो मामले को कैसे संभाला गया था।

पार्टी ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए बिना ठीक से जांच किए फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसके अलावा पूर्व कानून मंत्री एस. रेगुपति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

TVK ने तत्कालीन सरकार से पूछा, 'तत्कालीन कानून मंत्री रेगुपति ने किसके दबाव में जांच को कमजोर होने दिया? इसका क्या कारण था?' पार्टी ने फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने के बारे में भी सफाई मांगी है और आरोप लगाया है कि बिना ठीक जांच किए ही रिपोर्ट जमा की गई थी।

अधिकारियों को भेजे गए समन

चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस ने उद्योगपति वीरमणी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में असिस्टेंट कमिश्नर यास्मीन और एंटी-वाइस स्क्वाड के इंस्पेक्टर महेश कुमार और राजलक्ष्मी को समन जारी किया है। 

चेन्नई पुलिस ने बताया कि इन तीनों अधिकारियों को, जिन्होंने पहले इस मामले की जांच की थी और इसे बंद कर दिया था, पूछताछ के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अपनी सफ़ाई देने के लिए कहा गया है।

यह भी पढ़ें- तमिलनाडुः फर्जी बाबा बनकर महिलाओं का करता था यौन शोषण, हिडन कैमरे से रिकॉर्ड की अश्लील वीडियो