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वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन, स्कीइंग हादसे के बाद अचानक कार्डियक अरेस्ट से गई जान

Published: Wed, 07 Jan 2026 11:23 PM (IST)

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे अग्निवेशअग्रवाल का बुधवार को न्यूयॉर्क में निधन हो ...और पढ़ें

वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन (फोटो- एक्स)

वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था

  2. अनिल अग्रवाल ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार को न्यूयॉर्क में निधन हो गया। वे मात्र 49 साल के थे। अनिल अग्रवाल ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दुखद खबर की जानकारी दी और इसे अपने जीवन का "सबसे काला दिन" बताया।

एक  दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे

अनिल अग्रवाल के अनुसार, अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और वे अच्छी तरह रिकवर कर रहे थे। परिवार को लग रहा था कि सबसे बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट ने उन्हें हमसे छीन लिया।

आज मेरे जीवन का सबसे काला दिन है- अनिल अग्रवाल

भावुक पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने लिखा, "आज मेरे जीवन का सबसे काला दिन है। मेरा प्यारा बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, स्वस्थ, जीवन और सपनों से भरपूर। हमें लगा कि सबसे बुरा बीत चुका है, लेकिन किस्मत के प्लान कुछ और थे और अचानक कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया।"

अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई की और एक सफल करियर बनाया। उन्होंने फुजैराह गोल्ड कंपनी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। अनिल अग्रवाल ने उन्हें एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी सादगी, गर्मजोशी और दयालुता के लिए जाने जाते थे।

अनिल अग्रवाल ने आगे लिखा कि अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत में गहरा विश्वास रखते थे और अक्सर कहते थे, "पापा, हमारी राष्ट्र में किसी चीज की कमी नहीं है। हम पीछे क्यों रहें?" दोनों ने मिलकर समाज सेवा के सपने देखे थे, जिसमें बच्चों की भूख मिटाना, शिक्षा और महिलाओं का सशक्तिकरण शामिल था। अनिल अग्रवाल ने वादा दोहराया कि अपनी कमाई का 75% से ज्यादा हिस्सा समाज को लौटाएंगे और और भी सादा जीवन जिएंगे।