वीबी-जीरामजी योजना में भ्रष्टाचार पर नकेल, 15 दिनों के भीतर करना होगा शिकायतों का निपटारा; केंद्र सरकार ने जारी किए नियम
केंद्र सरकार ने वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 के तहत ग्रामीण रोजगार योजना की शिकायतों के निपटारे के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं।

वीबी जी राम जी योजना में शिकायतों का 15 दिन में होगा निपटारा

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 के तहत शिकायतों का निपटारा करने के लिए नियम अधिसूचित किए हैं। इनके तहत ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़ी शिकायतों का समाधान 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा। अगर निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता है, तो उन्हें उच्च स्तर पर भेजने की व्यवस्था भी की गई है। योजना में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से अधिसूचित नियमों के तहत राज्य सरकारों को शिकायतों का समाधान करने के लिए ग्राम पंचायत, ब्लाक और जिला स्तर पर तीन-स्तरीय व्यवस्था करनी होगी।
मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि शिकायत निवारण के लिए हर स्तर पर नामित अधिकारी होंगे, जो शिकायतें प्राप्त करेंगे, जांच करेंगे और निपटारा करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि इन प्रविधानों का उद्देश्य शिकायत निवारण को सुलभ बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि योजना से जुड़ी चिंताओं पर समय रहते ध्यान दिया जाए।
इन तरीकों से दर्ज करा सकते हैं शिकायतें
मंत्रालय के अनुसार, शिकायतें व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट के जरिये, निर्धारित डिजिटल मंच पर, टेलीफोन हेल्पलाइन के माध्यम से या राज्य सरकारों द्वारा तय किसी अन्य तरीके से दर्ज कराई जा सकती हैं। शिकायत के प्रारूप, भाषा, जमा करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर उसे दर्ज करने से मना नहीं किया जा सकता है।
सात दिनों में करनी होगी शिकायत की जांच
ग्राम पंचायत, ब्लाक या जिला स्तर पर प्राप्त सभी शिकायतों को उसी दिन निर्धारित डिजिटल मंच पर दर्ज करना होगा। ऐसा संभव न होने पर उन्हें अगले कार्यदिवस तक दर्ज करना होगा। शिकायतकर्ता को रजिस्ट्रेशन संख्या, शिकायत प्राप्त होने की तारीख और उसे प्राप्त करने वाले अधिकारी के पदनाम के साथ रसीद दी जाएगी। शिकायत की जांच सात कार्यदिवस के भीतर पूरी करनी होगी। शिकायत का निपटारा 15 दिन में करना अनिवार्य होगा।
मामलों के निपटारे तक जारी रहेगी निगरानी
नामित अधिकारी संबंधित अधिकारियों से जरूरी रिकार्ड, दस्तावेज, रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक डाटा मांग सकता है। जरूरत पड़ने पर वह शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर भी दे सकता है। 15 दिन के भीतर निपटारा नहीं होने वाली शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। इन मामलों के निपटारे तक उनकी इलेक्ट्रानिक माध्यम से निगरानी जारी रहेगी।
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