जागरण ब्यूरो, जम्मू। हिमाचल व पंजाब को जम्मू-कश्मीर के और भी करीब लाने वाला बसोहली केबल ब्रिज गुरुवार को देश को समर्पित हो गया। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कठुआ जिले के बसोहली में बने इस अटल सेतु का उद्घाटन किया। तारों पर झूलने वाला यह पुल उत्तर भारत का पहला व देश में अपनी तरह का चौथा पुल है।

रक्षामंत्री ने बसोहली में रावी दरिया पर 145 करोड़ की लागत से बने 592 मीटर लंबे इस केबल स्टेड ब्रिज को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन का तोहफा करार दिया। रक्षामंत्री ने कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व पंजाब को फायदा होगा।

पुल के उद्घाटन से पहले अपने संबोधन में रक्षामंत्री ने बनी-भद्रवाह सड़क का जल्द सर्वे करवाने की घोषणा करते हुए कहा कि सीमा सड़क संगठन जम्मू-कश्मीर में करीब दो दर्जन टनलों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा सड़क संगठन टनल बनाकर यह सुनिश्चित करेगा कि बर्फबारी के कारण कट जाने वाले इलाकों को बारह महीने शेष देश से जोड़े रखा जाए। दो साल में रोहतांग, मनाली मार्ग भी तैयार हो जाएगा। रक्षामंत्री ने माना कि सिंथनटॉप में टनल बन जाने के बाद बसोहली-बनी-भद्रवाह-सिंथन टॉप-अनंतनाग सड़क डिफेंस रोड हो जाएगी।

रक्षामंत्री ने कहा कि पहले प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए तय लक्ष्य प्रभावित होते थे, लेकिन अब संगठन के प्रोजेक्टों के लिए फंड की कोई कमी नहीं आएगी। सीमा सड़क संगठन अब सीधे तौर पर सेना के अधीन है। रक्षामंत्री ने कहा कि जल्द दिल्ली में बसोहली पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

Posted By: Gunateet Ojha