तिहाड़ जेल का खाना मसालेदार और ऑयली, भारत में कैद अमेरिकी सैनिक ने कोर्ट में रखी खुद भोजन पकाने की डिमांड
अमेरिकी मर्सिनरी सैनिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने तिहाड़ जेल के खाने को मसालेदार और ऑयली बताते हुए दिल्ली कोर्ट में खुद खाना पकाने की इजाजत मांगी है।

मैथ्यू वैनडाइक ने तिहाड़ जेल के खाने पर उठाए सवाल (फोटो-X)
HighLights
अमेरिकी सैनिक मैथ्यू वैनडाइक ने तिहाड़ जेल के खाने पर सवाल उठाए।
मसालेदार खाने के कारण 50 दिन से भूख हड़ताल पर होने का दावा।
दिल्ली कोर्ट से खुद का खाना पकाने की इजाजत मांगी गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में तिहाड़ जेल में अमेरिकी मर्सिनरी सैनिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक बंद है। इस कैदी ने तिहाड़ जेल में मिलने वाले खाने को लेकर दिल्ली की अदालत में सवाल उठाए हैं।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को टेरर केस में गिरफ्तार किया था, वो अप्रैल से जेल में बंद है। अब वे जेल में बेहतर खाना न मिल पाने की शिकायत करके भूख-हड़ताल कर रहे हैं।
NIA ने 13 मार्च को कोलकाता एयरपोर्ट पर वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक, वे भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश का हिस्सा था।
तिहाड़ जेल में मिल रहा मसालेदार खाना
मानवीय आधार का हवाला देते हुए और यह दावा करते हुए कि वह तिहाड़ जेल में परोसा जाने वाला खाना नहीं खा पा रहे हैं। अमेरिकी व्यक्ति ने दिल्ली की अदालत में जेल में अपना खाना खुद पकाने की इजाजत मांगी है।
मर्सिनरी सैनिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने कहा है कि जेल के खाने की वजह से उन्हें 50 दिनों से ज्यादा समय तक भूख हड़ताल पर रहना पड़ा है, इसलिए वह अपने खर्च पर खाने का सामान और बर्तन के साथ किचन जैसी व्यवस्था चाहते हैं।
पटियाला हाउस कोर्ट में एडिशनल सेशन जज प्रशांत शर्मा के सामने अपनी अर्जी में कहा कि वह 6 मई से भूख हड़ताल पर हैं क्योंकि वह जेल में परोसा जाने वाला मसालेदार, ऑयली, डीप-फ्राइड और चिकनाई वाला खाना नहीं खा सकते।
याचिका में कहा गया है, 'आवेदक/आरोपी 06.05.2026 से भूख हड़ताल पर रहने को मजबूर है। एक अमेरिकी नागरिक होने के नाते, वह भारतीय जेलों में आम तौर पर परोसे जाने वाले खाने के आदी नहीं हैं।'
अपने वकील के जरिए वैनडाइक ने दावा किया है कि जेल के खाने से उन्हें काफी शारीरिक तकलीफ हुई है और उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा है।
याचिका में कहा गया है कि वैनडाइक का वजन करीब 14 किलो कम हो गया है। सही पोषण न मिलने से उन्हें देखने में दिक्कत हो रही है, और उनकी ताकत, स्टैमिना और इम्यूनिटी में काफी कमी आई है।
अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है और मामले की सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की है।
वैनडाइक की डिमांड
वैनडाइक ने दाल, रेड मीट, चिकन, मछली (झींगा), पास्ता, बिना पके नूडल्स, चावल, आलू, प्याज़, बीन्स, मसाले, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, टोन्ड मिल्क, सोया मिल्क और बोतल बंद पानी जैसी खाने की चीजें रखने की इजाजत मांगी है।
वैनडाइक ने इंडक्शन कुकर, बर्तन, कटोरे और प्लास्टिक चॉपर की भी मांग की है ताकि वह अपना खाना खुद बना सकें।
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