नई दिल्ली, जेएनएन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अब सिर्फ दो सप्ताह से भी कम वक्त बचा है, लेकिन उनके समर्थकों के हिंसक बर्ताव के बाद सीनेट के शीर्ष डेमोक्रेट नेताओं ने उनके राष्ट्रपति पद की शक्तियों को तुरंत खत्म करने की मांग की है। सीनेटर चक शूमर ने कहा कि कल अमेरिकी संसद में जो हुआ वह राष्ट्रपति द्वारा उकसाया गया विद्रोह था।

राष्ट्रपति को एक भी दिन पद पर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि माइक पेंस को 25 वें संशोधन को लागू करना चाहिए, जो राष्ट्रपति से उपराष्ट्रपति को सत्ता हस्तांतरण की अनुमति देता है। आइए जानते हैं कि क्या है 25वां संशोधन और इसका पूर्व में कब इस्तेमाल किया गया था।

इस तरह से करता है काम : 25वें संशोधन के अनुसार, यदि राष्ट्रपति अपना कर्तव्य निभाने में असमर्थ होता है तो यह उप राष्ट्रपति को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने की अनुमति देता है। उदाहरण के लिए यदि वह शारीरिक या मानसिक बीमारी के कारण असमर्थ हो जाता है। संशोधन के चौथे हिस्से की चर्चा की जा रही है, जो उप राष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत से राष्ट्रपति ट्रंप को अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ घोषित करने की अनुमति देता है। उन्हें एक हस्ताक्षरित पत्र प्रतिनिधि सभा और सीनेट के स्पीकर्स को भेजना होगा, जिसमें यह घोषणा करनी होगी कि राष्ट्रपति सरकार को चलाने के लिए अक्षम हैं या सक्षम नहीं हैं और इसलिए उन्हें कर्तव्यों और अधिकारों से मुक्त किया जाए। इस स्थिति में उप राष्ट्रपति माइक पेंस अपने आप पदभार संभाल लेंगे।

लिखित प्रक्रिया का होता है मौका : यदि राष्ट्रपति को लिखित प्रक्रिया का मौका दिया जाता है और वह विरोध करता है तो कांग्रेस को निर्णय करना होगा। राष्ट्रपति को हटाने के लिए सीनेट और हाउस ऑफ कामंस में दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। मामले के हल होने तक उप राष्ट्रपति को राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना होगा।

पहले भी हो चुका है इस्तेमाल : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या के चार साल बाद 25वें संशोधन को 1967 में मंजूरी दी गई थी। बहुत से राष्ट्रपतियों ने संशोधन का प्रयोग किया है। विशेष रूप से इसके तीसरे अनुच्छेद का प्रयोग किया गया है, जो उप राष्ट्रपति के हाथों में अस्थायी रूप से शक्तियां देने की अनुमति देता है। 2002 और 2007 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने उप राष्ट्रपति को बीमारी के इलाज के वक्त सत्ता सौंपी थी, जबकि 1985 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने कैंसर की सर्जरी के दौरान ऐसा ही किया था। हालांकि आज तक किसी भी राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए 25वें संशोधन के जरिये स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है।

हटाने का एक और रास्ता : इसके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दूसरी बार महाभियोग चलाना होगा। ट्रंप पहले भी डेमोक्रेट के नेतृत्व वाले हाउस में दिसंबर 2019 में महाभियोग का सामना कर चुके हैं। आरोप था कि ट्रंप ने यूक्रेन से एक बार फिर से चुनाव की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए मदद मांगी थी। 

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