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अजीत डोभाल से मिले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

Published: Tue, 11 Aug 2026 08:32 PM (IST)

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की, जो भारत-अमेरिका संबंधों में जारी तनाव के बीच उच्च स्तरीय संवाद का हिस्सा है।

सर्जियो गोर और अजीत डोभाल की मुलाकात

सर्जियो गोर और अजीत डोभाल की मुलाकात

HighLights

  1. अमेरिकी राजदूत गोर ने एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की।

  2. भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और वीजा मुद्दों पर तनाव।

  3. उच्च स्तरीय संवाद से असहजता कम करने का प्रयास।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध पिछले कई महीनों से कई मुद्दों पर तनावपूर्ण बने हुए हैं। व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता, टैरिफ विवाद, वीजा नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी बयानों ने दोनों देशों के बीच दूरी पैदा कर दी है।

ऐसे में मंगलवार को नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात हुई। यह बैठक दोनों देशों के बीच जारी असहजता के बीच उच्च स्तरीय संवाद को जारी रखने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

इससे एक दिन पहले राजदूत गोर की विदेश सचिव विक्रम मिसरी से भी मुलाकात हुई थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर इन बैठकों के विस्तृत विवरण जारी नहीं किए गए।

गोर ने एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट लिखा कि, 'विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मुलाकात हमेशा अच्छी होती है।' मिसरी ने इसका जवाब इससे भी संक्षिप्त दिया।

विक्रम मिसरी ने अंग्रेजी में लिखा कि, 'लाइकवाइज (समान रूप से)।' कुल लोग इस तरह के संक्षिप्त और सतर्क संवाद दोनों देशों के बीच जारी असहजता के तौर पर देख रहे हैं।

सर्जियो गोर और अजीत डोभाल की मुलाकात

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने डोभाल से मुलाकात के बाद कहा कि भारत के साथ साझेदारी वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सर्जियो गोर ने लिखा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फलदायी बैठक हुई। अमेरिका और भारत कई समान लक्ष्य साझा करते हैं और हमारा जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है।'

भारतीय पक्ष की ओर से बैठक के किसी भी विस्तार की जानकारी नहीं दी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी बहुत ही कूटनीतिक व संक्षिप्त जवाब दिया कि, 'भारत अमेरिका के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करन को प्रतिबद्ध है।'

ऐसा नहीं है कि भारत और अमेरिका के बीच संवादहीनता है। हाल ही में पीएम नरेन्द्र मोदी की अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात हुई थी। दोनों पक्षों के बीच रक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

हालांकि इस वार्ता पर अमेरिका की तरफ से आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई। इसके पहले जून में फ्रांस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई थी। तब दोनों नेताओं ने अधिकारियों को जल्द संतुलित और आपसी लाभ वाला व्यापार समझौता करने के निर्देश दिए थे।

दोनों तरफ के अधिकारी कई बार यह कह चुके हैं कि व्यापार समझौते पर सभी कुछ हो चुका है और अब घोषणा होना शेष है।

संबंधों में गिरावट पिछले वर्ष वाशिंगटन द्वारा भारत पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ और राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों से शुरू हुई थी, जिनमें उन्होंने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को शांत करने में अपनी भूमिका का दावा किया था।

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