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भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का प्रतीक: अमेरिकी राजदूत ने टाटा-लॉकहीड मार्टिन संयंत्र का किया दौरा

Published: Tue, 25 Aug 2026 03:50 AM (GMT+05:30)

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हैदराबाद में टाटा-लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स संयंत्र का दौरा किया।

टाटा- लॉकहीड मार्टिन के संयंत्र पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर। (एएनआई)

टाटा- लॉकहीड मार्टिन के संयंत्र पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर। (एएनआई)

HighLights

  1. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने टाटा-लॉकहीड मार्टिन संयंत्र का दौरा किया।

  2. सी-130जे सैन्य विमान के पुर्जे भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का प्रतीक।

  3. उत्पादन स्वतंत्र और सुरक्षित हिंद-प्रशांत के साझा नजरिये को बढ़ाता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि सी-130जे सैन्य परिवहन विमान के लिए महत्वपूर्ण संरचनाओं का भारत में उत्पादन दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का सशक्त उदाहरण है। इस तरह के प्रयास स्वतंत्र तथा सुरक्षित हिंद-प्रशांत के साझा नजरिये को आगे बढ़ाते हैं।

अमेरिका और भारत के बीच दशकों पुरानी आर्थिक साझेदारी नवाचार, साझा सुरक्षा हितों और आर्थिक सहयोग के माध्यम से मजबूत होती जा रही है। अमेरिकी राजदूत ने हैदराबाद स्थित ‘टाटा-लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स लिमिटेड’ के विनिर्माण संयंत्र का दौरा करने के बाद यह टिप्पणी की।

इस संयुक्त उद्यम की स्थापना 2010 में हुई थी। यह अमेरिका में बनने वाले सभी नए सुपर हरक्यूलिस विमानों में शामिल सी-130जे एंपेनेज असेंबली का एकमात्र वैश्विक आपूर्तिकर्ता है।

एंपेनेज असेंबली' अर्थ विमानों के पिछले हिस्से के निर्माण से है। गोर ने उस प्रोडक्शन लाइन का दौरा किया जो सी-130जे सुपर हरक्यूलिस के लिए एंपेनेज बनाती है। भारतीय वायुसेना में इस समय 12 सी-130जे विमान हैं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)