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'ये ममता सरकार की नाकामी', बंगाल में SIR के काम में लगे अधिकारियों को बंधक बनाने पर SC भड़का

Published: Thu, 02 Apr 2026 11:17 AM (IST)Updated: Thu, 02 Apr 2026 11:38 AM (IST)

पश्चिम बंगाल के मालदा में वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर बड़ा विवाद हुआ। गुस्साए लोगों ने सात न्यायिक ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बदसलूकी और डराने-धमकाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इसे न्याय व्यवस्था में बाधा डालने की गंभीर कोशिश बताते हुए राज्य प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसकी अगुवाई सूर्यकांत कर रहे थे, ने कहा कि सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं, को घंटों तक बिना सुरक्षा, भोजन और पानी के छोड़ दिया गया, जो बेहद चिंताजनक है। कोर्ट ने कहा कि पहले से सूचना होने के बावजूद राज्य प्रशासन समय पर कार्रवाई नहीं कर पाया, जो प्रशासन की बड़ी विफलता को दिखाता है।

राज्य अधिकारियों को नोटिस

कोर्ट ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने पूछा है कि समय रहते उचित सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए और न्यायिक अधिकारियों को इस स्थिति में क्यों छोड़ा गया। कोर्ट ने साफ कहा कि यह घटना कानून के शासन पर सीधा हमला है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित करे। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए और अधिकारियों को बिना डर के अपना काम करने दिया जाए। कोर्ट ने सभी स्थानों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने और आम लोगों की आवाजाही सीमित करने के निर्देश भी दिए हैं।

कब होगी अगली सुनवाई?

कोर्ट ने यह भी कहा कि न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों को किसी तरह का खतरा है या नहीं, इसका तुरंत आकलन किया जाए और जरूरी सुरक्षा दी जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई में वर्चुअल रूप से पेश होने और पूरी रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह हर हाल में न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाएगा।

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