विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं से विचार जानेगी योगी सरकार

By Test1 Test1Edited By:
Published: Wed, 12 Apr 2017 01:37 PM (IST)Updated: Wed, 12 Apr 2017 02:36 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को यह निर्देश दिया है कि वह ट्रिपल तलाक के मसले पर मुस्लिम महिलाओं से रायशुमारी के लिए व्यवस्था करें।

ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं से विचार जानेगी योगी सरकार
ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं से विचार जानेगी योगी सरकार

लखनऊ (पीटीआई)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ट्रिपल तलाक के मसले पर सूबे की मुस्लिम महिलाओं की राय जानेगी। मुस्लिम महिलाओं की यह राय इस मामले में देश की सर्वोच्च अदालत में होने वाली सुनवाई के दौरान रखी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार रात महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह रायशुमारी के लिए कार्ययोजना तैयार करें। कैबिनेट की सभी महिला सहयोगियों से मुख्यमंत्री ने कहा कि वह महिला संगठनों से भी इस बारे में बात करें। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड (एआइएमपीएलबी) की 15 अप्रैल से इसी मसले पर होने जा रही दो दिनी बैठक से पहले मुख्यमंत्री का यह निर्देश खासा महत्वपूर्ण हो चला है।

सर्वोच्च न्यायालय में तमाम महिलाओं ने ट्रिपल तलाक का विरोध करते हुए याचिका दायर की है। उनका कहना है कि ट्रिपल तालाक और 'निकला हलाला' के प्रावधान उनके अधिकारों का हनन है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इन याचिकाओं का विरोध करते हुए प्रति शपथपत्र दाखिल किया है। केंद्र सरकार बीते साल सात अक्टूबर को अपना पक्ष रखते हुए साफ कर चुकी है कि यह प्रथा लैंगिक समानता के खिलाफ है। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने अपने हलफनामे में इस बारे में सांविधानिक प्रावधान, लैंगिक समानता, विभिन्न इस्लामिक देशों के वैवाहिक विधियों का उल्लेख किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर स्वत संज्ञान लिया है। उच्चतम न्यायालय इस प्रश्न पर विचार करेगा कि क्या इससे मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है अथवा नहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वह राज्य में विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के संबंध में कानून बनाने की तैयारी करें। अल्पसंख्यक विभाग के प्रेंजेंटेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में पहल की जाए। इनमें अंग्रेजी पढ़ाने के साथ-साथ स्किल डेवलेपमेंट से जुड़े कोर्सेज पढ़ाए जाएं। अल्पसंख्यकों के लिए कम्युनिटी सेंटर खोले जाने और हज जाने वाले जायरीनों के लिए व्यवस्थाओं की हिदायत भी मुख्यमंत्री ने दी।

पीडि़त महिलाएं आए दिन सुनाती हैं व्यथा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में अब तक ट्रिपल तलाक की वजह से पीड़ित सैकड़ों महिलाएं अपनी वेदना बयां कर चुकी हैं। राज्य की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी की अगुवाई में कुछ समय ऐसी ही महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर न्याय मांगा था। बीते विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनावी सभाओं में यह सवाल पुरजोर तरीके से उठाया था कि मुस्लिम महिलाओं को ट्रिपल तलाक जैसी प्रथाओं से छुटकारा मिलना चाहिए अथवा नहीं। 

यह भी पढ़ेंः केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, तीन तलाक भारतीय संविधान के खिलाफ

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।