नई दिल्‍ली [स्‍पेशल डेस्‍क]। यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने जिस बंगले की साज सज्‍जा पर सत्‍ता के शीर्ष पर रहते हुए 42 करोड़ रुपये खर्च किए थे, उसी बंगले को जब उन्‍हें खाली करना पड़ा तो उन्‍होंने उसको बुरी तरह से तहस नहस करके रख दिया। उनका यह सरकारी बंगला चार विक्रमादित्य मार्ग स्थित है। लेकिन अब यह खंडहर  में तब्‍दील हो गया है। उनको इस बंगले को खाली करना इतना नागवार गुजरा कि छतों की फाल सीलिंग या स्‍वीमिंग पूल में लगी महंगी टाइल्‍स को या तो तोड़ दिया गया या फिर दीवारों से निकाल लिया गया। लेकिन जिस बंगले का उन्‍होंने इतना बुरा हाल किया उसमें एक जगह ऐसी भी थी जिसको किसी ने नहीं छुआ। यह जानकर बेहद ताज्‍जुब होता है कि ऐसा क्‍यों। लेकिन इससे पहले हम आपको उस जगह के बारे में बता देते हैं। दरअसल, इस बंगले में हुई उठापठक के बीच बंगले में बने मंदिर को पूरी तरह से छोड़ दिया गया। यह मंदिर जस का तस मिला है।

सही सलामत मिला मंदिर
यहां पर मंदिर का सही सलामत मिलना दिलचस्‍प होने के साथ -साथ ये भी बताता है कि यादव परिवार की आस्‍था इससे कितनी जुड़ी हुई है। यह मंदिर मुख्य बंगले के फर्स्‍ट फ्लोर पर बनवाया गया था। इसके दोनों ओर मार्बल की नक्काशीदार दीवारें हैं। इस बंगले में जब मीडियाकर्मी घुसे तो उन्‍हें मंदिर के सही सलामत रहने के अलावा एक और चीज भी दिखाई दी। यहां की दीवारें। जो लगभग उसी तरह थीं जैसे किसी आम परिवारों में होती हैं जहां छोटे बच्‍चे होते हैं। यहां की दीवारों पर जगह-जगह बच्‍चों ने चित्रकारी की हुई थी। यह लगभग हर आम घरों में दिखाई दे जाती है। बच्चों के कमरे में जहां एक दीवार पर दो पेड़ बनाए हुए थे, वहीं, एक पर फूल बना था। बच्चों ने कमरे की दीवार पर पेपर पर खुद बनाए गए घोड़े की तस्वीर भी लगा रखी थी। 

बंगले में हर चीज बर्बाद
इन दो चीजों के अलावा इस बंगले में हर चीज को बर्बाद कर दिया गया था। हालांकि सपा प्रवक्‍ता इसको एक साजिश के तहत ले रहे हैं। उनका सवाल है कि आखिर इसी बंगले को मीडियाकर्मियों के लिए क्‍यों खोला गया। वह अब सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिर पूर्व सीएम को सरकार की तरफ से क्‍या-क्‍या चीजें दी गई थीं। उनका इस सवाल की गूंज अब सियासी गलियारों में भी सुनाई दे सकती है। बहरहाल हम आज आपको ये बताएंगे कि इस बंगले में क्‍या कुछ किया गया। कभी पूरे मन से बनवाए गए इस बंगले में जब राज्य संपत्ति के कर्मचारी पहुंचे तो उन्हें सब कुछ टूटा-फूटा मिला। इसी मुख्य बंगले के फर्स्‍ट फ्लोर पर अखिलेश यादव परिवार समेत रहते थे।

ऐसे थे बंगले में बर्बादी के निशान 

- गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्होंने यह बंगला दो जून को खाली कर दिया था।   
- यहां तक कि स्विमिंग पूल को भी पाट दिया गया था।
- एसी व सजावट के अन्य सामान सहित शीशे तक निकाल लिए गए।  जा चुके थे। 

- हरा-भरा गार्डन पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया।
- कई जगहों से पेड़ तक उखाड़ लिए गए थे।
- गार्डन के किनारे बने साइकिल ट्रैक के फर्श को बुरी तरह तोड़ा दिया गया था।
- बैडमिंटन कोर्ट में लगे लकड़ी के फर्श को भी उखाड़ दिया गया। 
- बैडमिंटन कोर्ट के ऊपर की छत तक हटा दी गई। 
- इस कोर्ट की नेट व लाइटें भी उखाड़ ली गईं।

- बंगले में कई जगह फर्श पर लगे मार्बल व फ्लोर टाइल्स को भी उखाड़ दिया गया। 
- मुख्य बंगले के पीछे गार्डन में बने स्विमिंग पूल को पाटकर उस पर कच्चा प्लास्टर कर दिया गया।
- मुख्य बंगले में बने सभी बाथरूमों की टोटियां और जकूजी बाथ असेंबली निकाल ली गई। 
- बंगले में लगे टीवी, फर्नीचर, पंखे और अन्य सामान भी नहीं मिले।
- बंगले की छत पर लगी सेंट्रल एसी यूनिट को भी निकाल लिया गया।

- किचन की टोटियां, मॉड्यूलर किचन एक्विपमेंट्स, सिंक, किचन टॉप तक को निकाल लिया गया।
- मुख्य बंगले के बगल में स्थित जिम ब्लॉक भी पूरी तरह खाली कर दिया गया।
- फर्स्‍ट फ्लोर की दीवारों पर लगी टाइल व मार्बल को तोड़ दिया गया। 
- जगह-जगह फॉल सीलिंग से लाइट भी निकाल ली गईं।
- स्विमिंग पूल में लगी इंपोर्टेड टाइल्स उखाड़ ली गईं। 

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Posted By: Kamal Verma