यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं पर पुरी का केजरीवाल पर तंज- प्रदूषण रोकना चुनी हुई सरकार की जिम्मेदारी
Delhi Air Pollution केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं पर कहा कि इसे रोकना ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआई। Air Pollution in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब सरकार को राज्य में पराली जलाने के मामलों को कम करने के लिए जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
'कुछ जिम्मेदारियां हैं, जो चुनी हुई सरकार को निभानी होती है'
पुरी ने दिल्ली में वायु प्रदूषण पर कहा, 'प्रदूषण हर जगह एक मुद्दा है। कुछ जिम्मेदारियां हैं जो एक चुनी हुई सरकार को निभानी होती हैं। वे पंजाब में भी हैं, पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को देखें।'

दिल्ली के सभी प्राथमिक स्कूल बंद
इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति में सुधार होने तक शनिवार से दिल्ली के सभी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की घोषणा की। स्मॉग की भीषण स्थिति ने दिल्ली सरकार को अपने आधे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के लिए भी मजबूर कर दिया है।
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नोएडा सबसे ज्यादा प्रदूषित
राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता शनिवार को लगातार तीसरे दिन 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार दिल्ली में AQI 431 (गंभीर) श्रेणी में है, एयरपोर्ट (T3) क्षेत्र में AQI 453 (गंभीर) श्रेणी में, गुरुग्राम में AQI 478 (गंभीर) श्रेणी में और नोएडा में AQI 529 (गंभीर) श्रेणी में है।
#WATCH दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई है। वीडियो अक्षरधाम की है। pic.twitter.com/xOFRqpUOj9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 5, 2022
'केंद्र सरकार को कदम उठाना चाहिए'
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गंभीर धुंध की जांच के लिए कदम उठाने के लिए आगे आना चाहिए। दिल्ली, चरखी दादरी, जींद, मानेसर, फरीदाबाद समेत तमाम जगहों पर हालत बेहद गंभीर है। इसके लिए आप जिम्मेदार नहीं है। किसी राज्य की हवा केवल उस राज्य में नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र को इस संबंध में कदम उठाना चाहिए। दिल्ली और पंजाब के सीएम के मुताबिक, 'आप' सरकारें प्रदूषण के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं हैं।
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भगवंत मान ने कहा- प्रदूषण को रोकने क लिए हमें कम समय मिला
भगवंत मान ने कहा कि हमारी सरकार सिर्फ छह महीने पहले अस्तित्व में आई थी और प्रदूषण को रोकने के लिए यह अपर्याप्त समय है। इसके बावजूद, हमारी सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए बहुत काम किया है। हमें कुछ उपायों में सफलता मिली और अन्य प्रयासों में सफलता नहीं मिली। पराली जलने में काफी कमी आएगी।
