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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Noida Air Pollution: नोएडा में लगा प्रदेश का पहला प्रोटोटाइप वायु प्रदूषण नियंत्रण टावर तकनीकी दिक्कत से बंद

By Kundan TiwariEdited By: Prateek Kumar
Published: Sat, 05 Nov 2022 12:04 AM (IST)

सेक्टर-16 ए की ग्रीन बेल्ट में 400 वर्गमीटर जमीन पर डीएनडी के पास इसे स्थापित किया गया है। यह टावर ...और पढ़ें

नोएडा प्राधिकरण का दावा शनिवार को दिक्कत दूर कर संचालन शुरू कराया जाएगा
नोएडा प्राधिकरण का दावा शनिवार को दिक्कत दूर कर संचालन शुरू कराया जाएगा

नोएडा, जागरण संवाददाता। सेक्टर-16 स्थित फिल्म सिटी के पास एक साल पहले प्रदेश का पहला प्रोटोटाइप वायु प्रदूषण नियंत्रण टावर लगाया गया। दावा किया गया कि ये टावर एक वर्ग किमी के दायरे की हवा को प्रदूषण मुक्त करेगा। पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर शुरू टावर संकट के इस दौर में तकनीकी दिक्कतों के चलते बंद है, जिसको अब ठीक कराने की याद प्राधिकरण को आइ है।

डीएनडी के पास किया गया है स्थापित

बता दें कि सेक्टर-16 ए की ग्रीन बेल्ट में 400 वर्गमीटर जमीन पर डीएनडी के पास इसे स्थापित किया गया है। यह टावर एक वर्ग किमी की परिधि में प्रदूषित वायु को शुद्ध करेगा। सर्दी बढ़ने के साथ सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (एसपीएम) सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन के आक्साइड एवं कार्बन मानो आक्साइड प्रदूषित करते हैं।

तीन करोड़ की लागत से बना है टावर 

दावा था कि टावर इन प्रदूषित गैसों पर भी असरदार है, लेकिन जब हवा में जहर और पीएम-2.5, पीएम-10 दोनों की मात्रा इतनी ज्यादा है कि लोगों का सांस लेना तक दूभर है। इस समय टावर शहरवासियों की मदद करने की जगह बंद है। जबकि इस टावर को तीन करोड़ की लागत से बनाया गया। संचालन भेल को करना है, जिसका खर्चा नोएडा प्राधिकरण वहन कर रहा है।

टावर में आ रही तकनीकी दिक्कत  

नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्रोटोटाइप वायु प्रदूषण नियंत्रण टावर का संचालन भेल की ओर से किया जा रहा है। टावर में तकनीकी दिक्कत आ रही थी। जिसे दूर किया जा रहा है। नोएडा में ग्रैप का चौथा चरण लागू है। डीजल से संचालित इंडस्ट्री, स्कूल, वाहनों को बंद कर दिया गया। हाल यह है कि विगत एक सप्ताह में यहां एक्यूआई का स्तर तेजी से बढ़ा है। मजह दो दिनों में एक्यूआई 400 से पार पहुंच गया। ऐसे में प्रोटोटाइप वायु प्रदूषण नियंत्रण टावर को ठीक क्यों नहीं कराया गया, इसकी जानकारी ली गई है। बताया गया है कि जिस ट्रांसफार्मर से टावर को सप्लाई दी जाती है। उसमें खराबी आ गई थी। उसको ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ सेंसर खराब थे, जिनको बदला जा रहा है। शनिवार दोपहर बाद टावर को चला दिया जाएगा।