नई दिल्ली, आइएएनएस। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि हम लोगों ने कोरोना संक्रमण के तीसरे दौर यानी सामुदायिक संक्रमण की दशा में पहुंचने से देश को बचा लिया है। कोरोना संक्रमण से निपटने में हम कई देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जांच के मामले में हमने अपने तंत्र को मजबूत किया है। हम लोग अब तक 5.5 लोगों की जांच कर चुके हैं। जांच की क्षमता बढ़ने से पाजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि काफी हद तक घट गई है। अब इनकी संख्या मात्र चार फीसद की दर से बढ़ रही है। हम लोगों को चिंता थी कि क्या हम तीसरी स्टेज में पहुंच गये हैं। लेकिन हम लोगों ने देश को इस स्थिति में जाने से बचा लिया।

भारत में पांच लाख टेस्ट के बाद भी सबसे कम मरीज : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत उन प्रमुख चुनिंदा देशों में से है जहां पांच लाख कोविड-19 टेस्ट करने के बावजूद कोरोना संक्रमण वाले सबसे कम मरीज मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट करके बताया कि नमो एप के यूजर्स अब कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों और रोचक तथ्यों को देख सकेंगे। नमो एप पर वॉलेंटियर मॉड्यूल के ऑन यौर वाइस सेक्शन में हैशटैग इंडियाफाइट्सकोरोना के तहत इस वायरस पर अहम जानकारियां मिलेंगी।

यदि शुरू जाता तीसरा चरण तो 10 गुना से अधिक होते मरीज

डॉ देबप्रसाद चट्टोपाध्याय(निदेशक,आइसीएमआर, इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेडिशनल मेडिसिन) ने कहा था कि भारत सरकार द्वारा देश के लॉकडाउन करने का कदम स्वास्थ्य मंत्रालय, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह पर उठाया गया। देश को कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाने का यही एकमात्र रास्ता था। उन्होंने कहा था कि इसके पीछे भी वैज्ञानिक आधार है। उन्होंने मार्च महीने के अंत में बातचीत में कहा था कि यदि हम तीसरे चरण में पहुंचे होते तो संक्रमित लोगों की संख्या 10 गुना से अधिक हो चुकी होती जबकि अभी तक संक्रमित लोगों की संख्या में दो गुना से कुछ अधिक का ही इजाफा हुआ है। यही लॉकडाउन का सबसे बड़ा फायदा हुआ है।

Posted By: Nitin Arora

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