यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंडोनेशिया के बाली में पकड़ा गया मोस्ट वांटेड छोटा राजन
भारत का मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 20 से ...और पढ़ें

बाली/नई दिल्ली/मुंबई । भारत का मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 20 से ज्यादा हत्याओं समेत कई अपराध दर्ज हैं। 1993 के मुंबई बम धमाकों के पहले तक वह दाऊद इब्राहिम का खास था, लेकिन धमाकों के बाद उसने दाऊद को दुश्मन मान लिया था। इसी कारण दोनों एक-दूसरे के खिलाफ साजिश करने लगे थे। 20 साल से भगोड़े राजन को इसी हफ्ते भारत लाने की तैयारी है।
गिरफ्तारी पर मुस्कुराता रहा
बाली में गिरफ्तारी के बाद भी राजन ने मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाया। मुंबई के मराठा परिवार में जन्मे 55 वषर्षीय छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र सदाशिव निखलजे है। जबकि उसका दूसरा नाम मोहन कुमार है। उसके खिलाफ 1995 में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
ऐशो आराम के लिए बाली आया
राजन को रविवार को उस वक्त पक़़डा जब वह ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से बाली के एक चर्चित रिसॉर्ट में ऐशो आराम के लिए आया था। यह बात उसने आरंभिक पूछताछ में बताई।
सात साल से ऑस्ट्रेलिया में था
राजन से बाली की प्रांतीय राजधानी डेनपासर स्थित पुलिस मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है। राजन के पास मोहन कुमार के नाम का भारतीय पासपोर्ट मिला है। राजन ने बताया कि वह पिछले सात साल से ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था। ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस ने पिछले माह पुष्टि की थी कि छोटा राजन उनके देश में गलत नाम से रह रहा है।
भारत लाने में कठिनाई नहीं
विदेश सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने बताया कि इंडोनेशिया के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है, लेकिन राजन को भारत लाने के कई अन्य तरीके हैं। उसे इंडोनेशिया से निकाल कर सीधे दिल्ली की फ्लाइट में बैठाया जा सकता है।
महाराष्ट्र मांगेगा हिरासतः महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री राम शिंदे ने कहा कि राजन को भारत लाने के बाद केन्द्र से उसे राज्य पुलिस को सौंपने का आग्रह किया जाएगा, क्योंकि वह राज्य के कई केस में वांटेड है।
ब़़डी कामयाबी : आईपीएस अफसर से नेता बने वाईपी सिंह ने कहा कि राजन की गिरफ्तारी से अंडरवर्ल्ड--पुलिस-राजनेताओं के गठजो़ड़ का खुलासा हो सकेगा। राजन पर 11 जून 2011 को पत्रकार ज्योर्तिमय डे की हत्या कराने का भी आरोप है। पूछताछ में इस साजिश का खुलासा हो सकेगा।
दाऊद के खिलाफ उपयोग
क्या राजन से मिलने वाली गुप्त सूचनाओं का उपयोग दाऊद के खिलाफ किया जा सकेगा? सीबीआई के पूर्व प्रमुख जोगिन्दर सिंह ने कहा-ये बातें उजागर नहीं की जाती हैं, यदि कोई मदद करना चाहता है तो हम उसकी मदद लेते हैं।
यूं हाथ आया राजन..
--एक माह से ऑस्ट्रेलिया की कैनबरा पुलिस मोहन कुमार उर्फ छोटा राजन पर नजर रखे हुए थी।
--गिरफ्तारी के लिए कैनबरा, दिल्ली व इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में तीन कंट्रोल रूम बनाए गए।
--विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह खुद शुक्रवार को समन्वय के लिए जकार्ता पहुंचे।
--दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समन्वय कर रहे थे।
--शनिवार को राजन सिडनी से बाली के लिए निकला। बाली पुलिस को अलर्ट किया।
--वह रविवार को बाली एयरपोर्ट पर उतरा। उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
-- वीके सिंह गिरफ्तारी के बाद लौटे।
गिरफ्तारी पर उठे ये सवाल..
1. भारत के मोस्ट वांटेड की आसान व मुस्कुराते हुए गिरफ्तारी सुनियोजित है?
2. गिरफ्तारी के वक्त भारतीय पासपोर्ट मिला, जो मोहन कुमार के नाम का था। इसकी मियाद हाल में बढ़ाई गई थी।
3.गिरफ्तारी के वक्त उसके पास पासपोर्ट नंबर जी-9273860 मिला। जबकि उसके पास दो और पासपोर्ट हैं। इनमें से एक सिडनी में बना है। भारतीय पासपोर्ट लेकर कहीं वह सरेंडर के इरादे से तो नहीं आया?
4.राजन कई बीमारियों और असुरक्षा का शिकार है। दाऊद का गुर्गा छोटा शकील उसके पीछे पड़ा था, वह जान बचाने भारत आना चाहता था?
भारत लाने की तैयारी शुरू
भारतीय एजेंसियां अब उसे वापस लाने की तैयारी में जुट गई हैं। वह हत्या, अवैध हथियार रखने और फिरौती के लगभग डेढ़ दर्जन मामले में वांछित है। छोटा राजन की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए भारत में इंटरपोल की शाखा के रूप में काम करने वाली सीबीआइ ने कहा कि यह भारत, आस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया की एजेंसियों के बीच समन्वय से संभव हुआ। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे वापस लाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अंडरवर्ल्ड में बड़ा नाम
भारत में अंडरवर्ल्ड की दुनिया में दाऊद इब्राहिम के बाद छोटा राजन सबसे बड़ा नाम है। 1993 के पहले वह दाऊद इब्राहिम के साथ काम करता था। लेकिन आइएसआइ के इशारे पर मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाका करने के बाद वह दाऊद से अलग हो गया। धीरे-धीरे छोटा राजन की छवि दाऊद इब्राहिम के कट्टर विरोधी की बन गई। यहां तक कि 2000 में बैंकाक में दाऊद गिरोह ने उस पर हमला भी किया था। लेकिन वह बच निकलने में सफल रहा। माना जाता है कि इसका बदला लेने के लिए उसने 2001 में दाऊद के निकट सहयोगी विनोद शेट्टी की दुबई में हत्या करा दी थी।
शिवसेना ने तंज कसा
छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद भले ही भारत सरकार फूले ना समा रही हो लेकिन एनडीए की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने सरकार पर निशाना साधा है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि 'छोटा राजन बहुत छोटा आदमी है, देश को दाऊद इब्राहिम की जरूरत।'
