नई दिल्ली, जेएनएन। इंदौर के एक मुहल्ले में कोरोना स्‍क्रीनिंग करने गई डॉक्टरों की टीम पर हुए हमले की उलेेमा ने निंदा की है। मुस्लिम समुदाय से डॉक्टरों, प्रशासन और सरकार के साथ सहयोग और उनके निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। उलेेमा ने कहा है कि अगर कोरोना अनियंत्रित हुआ तो देश को बर्बादी का सामना करना पड़ेगा। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और दारुल उलूम, देवबंद में हदीस के शिक्षक मौलाना सैयद अरशद मदनी, दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी, फतेहपुरी शाही मस्जिद के इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद और शिया जामिया मस्जिद के इमाम मौलाना मोहसिन अली तकवी ने जागरण समूह के उर्दू समाचार पत्र इन्किलाब से विशेष बातचीत की।

डॉक्टर इंजेक्शन से नहीं फैलाते संक्रमण

मौलाना मदनी ने कहा कि डॉक्टरों पर हमला और सरकारी निर्देशों की अनदेखी उचित नहीं है। हमें झूठी खबर या अफवाह से बचना चाहिए। सरकार व स्वास्थ्य मंत्रालय के कदमों का समर्थन करने की जरूरत है। मौलाना मदनी ने कहा कि कोई इस बात पर कैसे यकीन कर सकता है कि डॉक्टर इंजेक्शन से कोरोना संक्रमण फैलाएंगे। यह समझना चाहिए कि प्रकोप फैल गया तो हम सभी बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान के दौरान भी इसी प्रकार की अफवाहें फैलाई गई थीं और उलमा को सामने आना पड़ा था।

हमें बचा रहे हैं डॉक्‍टर

शाही इमाम ने कहा कि डॉक्टर कोरोना रोगियों की सेवा कर रहे हैं। वे अपनी जान को संकट में डाल हमें बचा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की जांच में क्या नुकसान है? इसे केवल जांच से ही रोका जा सकता है। ऐसे में डब्ल्यूएचओ और स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन जरूरी है। मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा कि कोरोना एक खतरनाक बीमारी है। जो भी निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन करना चाहिए। अकारण घर से बाहर नहीं निकलें, डॉक्टर की सलाह का पालन करें। मौलाना मोहसिन अली तकवी ने कहा कि डॉक्टरों पर हमले से हमें ही चोट पहुंचेगी और कोरोना के खिलाफ चल रही हमारी लड़ाई विफल हो जाएगी। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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