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'...फिर भी DMK को नहीं हरा पाएंगे', उदयनिधि ने की पीएम मोदी के 'पिता' पर विवादित टिप्पणी; BJP का पलटवार

Published: Mon, 23 Feb 2026 12:15 PM (IST)Updated: Mon, 23 Feb 2026 12:23 PM (IST)

उदयनिधि स्टालिन ने कोयंबटूर में पीएम मोदी के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया ...और पढ़ें

उदयनिधि स्टालिन ने 'पीएम मोदी के पिता' को लेकर की विवादित टिप्‍पणी

उदयनिधि स्टालिन ने 'पीएम मोदी के पिता' को लेकर की विवादित टिप्‍पणी

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन पर तीखे हमले को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ डीएमके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई डर नहीं है, यहां तक कि अगर प्रधानमंत्री के पिता भी आ जाएं, तब भी नहीं।

स्टालिन ने रविवार को कोयंबटूर में आयोजित डीएमके युवा विंग के कार्यक्रम में अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर भी निशाना साधते हुए कहा, कि हमें एडप्पादी पलानीस्वामी को बाहर करना होगा, जिन्हें 10 हार का सामना करना पड़ा है।

भाजपा का पलटवार

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने डीएमके को बुद्धिहीन, नैतिकताहीन और मर्यादाहीन बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में सहयोगी दल कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन और 2024 में स्टालिन जूनियर के सनातन धर्म पर दिए गए बयान में उन्होंने इसे समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ बताया था।

पूनावाला ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि कांग्रेस ने AI समिट में जिस तरह से शर्टलेस, टॉपलेस और चरित्रहीन विरोध किया, वह वास्तव में विरोध नहीं बल्कि बाधा थी। और अब उसकी सहयोगी डीएमके भी बुद्धिहीन, नैतिकताहीन और मर्यादाहीन हो गई है।

पहले भी दे चुके है विवादित बयान

उन्होंने आगे आरोप लगाया, “उदयनिधि स्टालिन ने हिंदुओं को मौत की धमकी दी है और हिंदुओं के नरसंहार की बात की है, अब प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को निशाना बना रहे हैं। जरा सोचिए, बिहार चुनावों के दौरान INDIA गठबंधन ने उनकी मां को निशाना बनाकर अपमानित किया। उन्होंने 150 से ज्यादा अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, खासकर उनकी मां और पिता के खिलाफ, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह ओबीसी समुदाय से आते हैं।

बीजेपी का आरोप, डीएमके की चुनावी हताशा

पूनावाला के साथ बीजेपी की तेलंगाना के अध्यक्ष एन. रामचंदर राव भी थे। उन्होंने कहा कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी से यह साफ होता है कि तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी हताश हो चुकी है।

एन. रामचंदर ने कहा कि तमिलनाडु में चुनाव संभवतः दो महीनों के भीतर होने वाले हैं। सत्तारूढ़ पार्टी के राजनीतिक बयान यह दिखाते हैं कि वे निराश हैं। इसी वजह से वे भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन पर हमला कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे प्रधानमंत्री पर भी व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। ये सभी संकेत हैं कि डीएमके तमिलनाडु में हारने जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी हताशा उन्हें प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के लिए मजबूर कर रही है। वे अपने बयानों के जरिये हिंदू धर्म और सनातन धर्म का अपमान करने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि डीएमके राज्य में अपनी पकड़ खो देगी और तमिलनाडु में भाजपा और अन्नाद्रमुक सरकार बनाएंगे।

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