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उद्धव ठाकरे को लग सकता है एक और झटका, सांसदों की बगावत के बाद छिन जाएगा संसद में ऑफिस?

Published: Wed, 24 Jun 2026 06:23 PM (IST)

उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को संसद में अपना पार्टी कार्यालय खोना पड़ सकता है, क्योंकि उनके छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं।

उद्धव ठाकरे से संसद में छिन सकता है पार्टी ऑफिस (फोटो-पीटीआई)

उद्धव ठाकरे से संसद में छिन सकता है पार्टी ऑफिस (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. शिवसेना (यूबीटी) संसद में अपना कार्यालय खो सकती है।

  2. छह लोकसभा सांसदों के शिंदे गुट में जाने से संख्या घटी।

  3. पांच से कम सांसद होने पर कार्यालय आवंटन नियम लागू।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। एक तरफ पहले जहां लोकसभा सांसदों ने शिवसेना (UBT) का दामन छोड़ा और एकनाथ शिंदे गुट में जाकर मिल गए। वहीं अब उद्धव ठाकरे को एक और झटका लगने वाला है।

शिवसेना (UBT) से संसद परिसर में मिला ऑफिस लिया जा सकता है। इसका मतलब ये होगा कि शिवसेना (UBT) के पास संसद में अपना पार्टी ऑफिस नहीं होगा।

उद्धव ठाकरे के लिए नई मुसीबत

शिवसेना (UBT) जो अभी भी अपने छह लोकसभा सांसदों की बगावत से उबरने की कोशिश कर रही है, उसे एक और झटका लग सकता है। इस बात की पूरा अनुमान है कि पार्टी संसद परिसर में उसे मिला ऑफिस खो सकती है।

शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसदों ने एकनाथ शिंदे गुट का दामन थाम लिया और सत्ताधारी पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल हो गए। वहीं एक बार जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला औपचारिक रूप से इस विलय को मंजूरी दे देंगे, तो शिवसेना (UBT) संसदीय दल में केवल चार सांसद ही रह जाएंगे।

संसद भवन में नहीं मिलेगा पार्टी ऑफिस

आमतौर पर संसद भवन में उन्हीं राजनीतिक पार्टियों को ऑफिस की जगह दी जाती है जिनके पास पांच या उससे ज्यादा सांसद होते हैं। शिवसेना (UBT) के पास केवल चार सांसद होने की वजह से उनसे पार्टी ऑफिस लिया जा सकता है।

इसके साथ ही अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई जाने वाली सर्वदलीय बैठकों में शिवसेना (UBT) की भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि पांच से कम सांसदों वाली पार्टियों को आम तौर पर ऐसी बैठकों में नहीं बुलाया जाता है।

संसद के भीतर राजनीतिक दलों को ऑफिस की जगह आवंटित करने वाला कोई तय कानूनी नियम नहीं है। इसके बजाय, यह लंबे समय से चली आ रही संसदीय परंपराओं, दिशानिर्देशों और हाउस कमेटी की कार्यप्रणाली पर आधारित है।

शिंदे गुट को मिला शिवसेना का पुराना ऑफिस

फिलहाल, शिवसेना (UBT) संसदीय दल का ऑफिस संविधान सदन (पुरानी संसद भवन) के कमरा नंबर 128A में है। यह उस कमरे के बगल में है जो कभी अविभाजित शिवसेना का ऑफिस हुआ करता था। जून 2022 में पार्टी के बंटवारे के बाद, दोनों गुटों ने कुछ महीनों तक इस जगह का इस्तेमाल किया था।

फरवरी 2023 में, चुनाव आयोग ने शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को 'असली शिवसेना' के तौर पर मान्यता दी और उसे 'धनुष-बाण' का चुनाव चिह्न दे दिया। इसके बाद, लोकसभा में शिंदे गुट के नेता राहुल शेवाले ने सचिवालय को पत्र लिखकर संसदीय ऑफिस पर अपना दावा पेश किया।

चुनाव आयोग के फैसले का हवाला देते हुए, लोकसभा सचिवालय ने फरवरी 2023 में शिंदे गुट को कमरा नंबर 128 आवंटित कर दिया। नतीजतन, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को मूल ऑफिस का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं रहा और बाद में उन्हें संसद के भीतर कमरा नंबर 128A आवंटित किया गया।

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