प्रतापगढ़ [जेएनएन]। कुंडा विधायक के राजनीति के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ के रामाबाई पार्क में आयोजित रजत जयंती समारोह का असर पूरे कुंडा तहसील में देखने को मिला। कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में वहां हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए। प्रधान से लेकर कोटेदार, प्रमुख, विधायक, प्रतिनिधि समेत तहसील क्षेत्र के हर गांवों से लोग बसों से समारोह में शामिल होने के लिए निकले।

कुंडा के हजारों व्यापारी गुरुवार शाम से ही अपनी-अपनी दुकानें बंद करके टोली बनाकर लखनऊ निकल गए। सुभाष केसरवानी की अगुवाई में व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें शुक्रवार को बंद करने का फैसला किया। इसके साथ ही तहसील क्षेत्र के गोतनी, पूरे धनऊ, हथिगवां, बाघराय, शेखपुर, मानिकपुर, आलापुर, नवाबगंज, डेरवा, हीरागंज, बाबागंज, संग्रामगढ़ समेत अन्य बाजारों में ज्यादातर दुकानें शुक्रवार को बंद रहेगी।  

एयरक्राफ्ट से उड़ान भरते हैं राजा भैया 
कुंडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हो रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का दो विधानसभा क्षेत्र, एमएलसी (स्नातक क्षेत्र) जिला पंचायत, आठ ब्लॉकों में कब्जा है। वर्ष 1993 में कुंडा से साइकिल चलाकर जिला मुख्यालय नामांकन करने पहुंचे रघुराज प्रताप सिंह खुद एयरक्राफ्ट से उड़ान भरते हैं। जिले और प्रदेश की राजनीति में अपना वजूद दिखा चुके राजा भैया का साथ भाजपा और सपा को बहुत भाया था। वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुंडा, बिहार सीट उन्हें दिया था। वर्ष 2002 में राजा भैया ने मायावती सरकार के खिलाफ बगावत कर दिया था। इस पर उन्हें दो नवंबर 2002 को रात में लखनऊ से हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।

जीवन परिचय
रघुराज का जन्म 31 अक्टूबर 1967 को प्रतापगढ़ के भदरी रियासत में पिता श्री उदय प्रताप सिंह और माता श्रीमती मंजुल राजे के यहां हुआ। इनके दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे। रघुराज के पिता राजा उदय प्रताप सिंह विश्व हिंदू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मानद पादाधिकारी रह चुके हैं। इनकी माता श्रीमती मंजुल राजे भी एक शाही परिवार की है। राजा भैया अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य थे जिन्होंने पहली बार राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया।

रघुराज प्रताप की प्राथमिक शिक्षा नारायणी आश्रम, इलाहाबाद के महाप्रभु बाल विद्यालय में हुआ। सन 1985 में भारत स्काउट एंड गाइड हाई स्कूल से दसवी तथा सन 1987 में इलाहाबाद के एक इंटरमीडिएट स्कूल से बारहवी की पढ़ाई की। लखनऊ विश्वविद्यालय से इन्होंने कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। घुड़सवारी और निशानेबाजी के शौकीन राजा भैया लखनऊ विश्वविद्यालय से मिलिट्री साइंस और भारतीय मध्यकालीन इतिहास में स्नातक हैं। राजा भैया के बारे में कहा जाता है कि वे साइकिल चलाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने तक का कारनामा करते हैं।

राजा भैया का सियासी सफर

पिता उदय प्रताप सिंह, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह और उन पर 25 जनवरी 2003 को पोटा का मुकदमा कायम किया गया था। 16 महीने बाद जेल से छूटने पर रघुराज प्रताप मुलायम सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे। वर्ष 2004 में उनके करीबी अक्षय प्रताप सिंह प्रतापगढ़ संसदीय सीट से सपा के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में वह सपा के साथ थे।

कुंडा से सटी सीट से पांच चुनाव से रघुराज प्रताप सिंह के करीबी ही निर्दलीय विधायक निर्वाचित होते आ रहे हैं। वर्ष 2010 का कार्यकाल छोड़ दें तो वर्ष 1995 से उनके करीबी ही जिला पंचायत अध्यक्ष बनते आ रहे हैं। इस समय एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह, बाबागंज विधायक विनोद सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा कुंडा, बाबागंज, बिहार, कालांकाकर, लक्ष्मणपुर, मानधाता, संडवा चंद्रिका, सदर ब्लाक में उनके ही प्रमुख हैं। राज्यसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने मायावती से तालमेल किया तो उन्होंने सपा से भी किनारा कर लिया। अब राजनीति के 25 वर्ष पूरे होने पर राजा भैया 30 नवंबर को अपनी पार्टी (जनसत्ता दल) की लखनऊ की रैली में औपचारिक घोषणा करने जा रहे हैं।

शहर से भी रवाना हुए हजारों कार्यकर्ता
लखनऊ के रमाबाई पार्क में आयोजित कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह की रैली में शामिल होने लगभग 2600 बस और 600 चार पहिया वाहनों से लोग गए। वाहनों समेत अन्य व्यवस्था में गुरुवार को एमएलसी प्रतिनिधि अनिल सिंह लाल साहब पूरे दिन कंपनी बाग के सामने स्थित राजा भैया के कैंप कार्यालय पर व्यस्त रहे। शुक्रवार की शाम से राय साहब के घर, राजा भैया के कैंप कार्यालय समेत अन्य इलाकों से हजारों लोग लखनऊ रवाना हो गए।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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