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होर्मुज पर अलग-थलग पड़े ट्रंप: जहाजों की तैनाती पर भारत का जवाब; चीन-ब्रिटेन समेत इन देशों ने भी किया किनारा

Published: Mon, 16 Mar 2026 07:51 PM (IST)Updated: Mon, 16 Mar 2026 08:25 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए चीन और सहयोगी देशों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें ...और पढ़ें

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षा के लिए मदद मांगी

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षा के लिए मदद मांगी

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जागरण ब्यूरो , नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के नाम पर चीन और सहयोगी देशों से मदद की अपील की, लेकिन वह इस मुद्दे पर अलग-थलग पड़ते दिख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि आस्ट्रेलिया और जापान ने नौसैनिक मदद मुहैया कराने से मना कर दिया है तो अन्य सहयोगी देशों ने भी कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है।

ब्रिटेन ने कहा कि वह ईरान युद्ध में नहीं पड़ेगा। इधर, ट्रंप ने यह चेतावनी दी है कि अगर सहयोगियों ने मदद नहीं की तो नाटो को भविष्य में संकट का सामना करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में दो सप्ताह से ज्यादा समय से जारी युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है।

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ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षा के लिए मदद मांगी

वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। एपी के अनुसार, ट्रंप ने फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटने के दौरान एयरफोर्स वन में रविवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जा सके। उन्होंने कहा, 'मैं इन देशों से मांग करता हूं कि वे आगे आएं और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करें, क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है।'

बहरहाल ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद उनकी अपील पर किसी देश ने कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं जताई है। हालांकि ट्रंप ने उन देशों का नाम बताने से इनकार कर दिया, जो पश्चिम एशिया के कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं और जिनसे ट्रंप प्रशासन इस जलमार्ग की सुरक्षा के लिए एक गठबंधन बनाने को लेकर वार्ता कर रहा है। उन्होंने केवल इतना कहा कि चीन लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी क्षेत्र से पाता है, जबकि अमेरिका को बहुत कम मात्रा में मिलता है।

ट्रंप ने नाटो के भविष्य पर सहयोगियों को चेताया

इससे पहले उन्होंने एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश इसमें शामिल होंगे।न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने उन देशों पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिनसे उन्होंने होर्मुज में युद्धपोत भेजने की अपील की है।

उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, 'अगर कोई जवाब नहीं आता है या नकारात्मक जवाब आता है तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।'

ट्रंप ने कहा कि खाड़ी की सुरक्षा के लिए चीन को भी मदद के लिए युद्धपोत भेजने चाहिए। रायटर के मुताबिक, जापान और आस्ट्रेलिया ने कहा कि वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों को एस्कार्ट करने के लिए पश्चिम एशिया में नौसैनिक पोत भेजने की योजना नहीं बना रहे।

ईरान युद्ध में नहीं पड़ेगा ब्रिटेन: स्टार्मर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सोमवार को कहा कि उनका देश ईरान युद्ध में नहीं पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक सामूहिक योजना पर सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा, लेकिन यह कोई आसान काम नहीं होगा।

इधर, जर्मनी ने कहा कि ईरान युद्ध से नाटो का कोई लेना-देना नहीं है। जर्मन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश न तो युद्ध में शामिल होगा और न ही सैन्य बल पर होर्मुज को खुला रखने के अभियान में शामिल होगा। जबकि डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके ने कहा कि उनके देश को खुले दिमाग से सोचना चाहिए कि इस मामले में कैसे योगदान दिया जा सकता है।

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चीन बोला- सभी पक्ष रोकें सैन्य अभियान

ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट में युद्धपोत भेजने की मांग पर चीन ने सभी पक्षों से पश्चिम एशिया में सैन्य अभियान तुरंत रोकने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोमवार कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के क्षेत्र में तनाव ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित किया है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है। चीन फिर से सभी पक्षों से सैन्य अभियानों को तत्काल रोकने की अपील करता है।

मैक्रों ने की ईरान से हमले रोकने की अपील

एएनआई के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की और उनसे पश्चिम एशिया में हमले बंद करने और होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही बहाल करने की अपील की। मैक्रों ने एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।

चीन दौरा टाल सकते हैं ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप चीन की अपनी बहुप्रतीक्षित यात्रा को टाल सकते हैं। उन्होंने खुद इस बात के संकेत दिए हैं। यह माना जा रहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने में मदद के लिए बीजिंग पर दबाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

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ट्रंप ने रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, पश्चिम एशिया के तेल पर चीन की निर्भरता का मतलब है कि उसे उस नए गठबंधन की मदद करनी चाहिए, जिसे वह तेल टैंकरों की होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही फिर से शुरू कराने की कोशिश में आगे बढ़ा रहे हैं, क्योंकि ईरान ने वैश्विक तेल प्रवाह को रोक दिया है। उन्होंने कहा, 'हम दौरे से पहले यह जानना चाहते हैं कि क्या बीजिंग मदद करेगा। हम इसको टाल सकते हैं।' उनका 31 मार्च से दो अप्रैल तक चीन दौरा का कार्यक्रम निर्धारित है।

भारत का जवाब 

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राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए कई देशों से अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। इस पर विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ इस बारे में कोई बातचीत नहीं की है। 

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