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हादसा या सुरक्षा की कमी? जबलपुर क्रूज में सवार लोगों के पास नहीं थी लाइफ जैकेट, पर्यटकों ने लगाया आरोप

Published: Fri, 01 May 2026 08:48 AM (IST)Updated: Fri, 01 May 2026 09:16 AM (IST)

जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज डूबने की घटना ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की सुरक्षा लापरवाही पर सवाल उठाए ...और पढ़ें

HighLights

  1. बरगी बांध में क्रूज डूबने से पर्यटन सुरक्षा पर सवाल

  2. पर्यटकों ने लाइफ जैकेट न मिलने और लापरवाही का आरोप लगाया

  3. भोपाल की पिछली घटना से कोई सबक नहीं लिया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जबलपुर के बरगी बांध में एक क्रूज बोट के डूबने की घटना ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा यात्रियों की सुरक्षा में कथित लापरवाही को लेकर लोगों के गुस्से को फिर से भड़का दिया है। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोगों को बचा लिया गया है।

यह घटना चार साल पहले भोपाल में हुई एक लगभग-त्रासद घटना की याद दिलाती है। नर्मदा नदी पर एक क्रूज यात्रा के दौरान यह पलट गया, जिससे दर्जनों पर्यटक उफनते पानी में जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस घटना ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी और बुनियादी व्यवस्थाओं में भारी कमियों को उजागर कर दिया है। घटना में जीवित बचे लोगों को कहना है कि क्रूज डूबना शुरू होने के बाद लाइफ जैकेट दी गईं।

जीवित बचे लोगों का क्या कहना है?

Jabalpur Cruise Shink (8)

लाइफ जैकेट बांटने में देरी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। जीवित बचे लोगों में से एक जूलियस अपनी पत्नी, बेटी, दामाद और दो नाती-पोतों के साथ यात्रा कर रहे थे। जूलियस ने अपनी पत्नी को खो दिया, जबकि उनकी बेटी और चार साल का नाती अभी भी लापता हैं। उनके दामाद और नातिन जीवित बच गए।

Jabalpur Cruise Shink (3)

जूलियस ने कहा, "यात्रा के दौरान सुरक्षा के कोई भी उपाय दिखाई नहीं दे रहे थे। जब क्रूज शिप डूबना शुरू हुआ तब अफरा-तफरी मच गई और तभी लाइफ जैकेट बांटे गए।"

इसके अलावा, इस घटना में बाल-बाल बचीं प्रिया शर्मा ने बताया, "पर्यटकों को क्रूज पर इस तरह ठूंस-ठूंसकर भरा गया था कि वहां एक भी लाइफ जैकेट नजर नहीं आ रही थी। बच्चे बेरोकटोक इधर-उधर दौड़ रहे थे और नाव की रेलिंग इतनी नीची थी कि कोई भी आसानी से उसे लांघ सकता था।"

भोपाल वाली घटना से नहीं ली सीख

इस घटना ने बार-बार दी गई चेतावनियों और पूरे न किए गए आश्वासनों को लेकर चिंताओं को फिर से जगा दिया है। 2022 में भोपाल की ऊपरी झील (Upper Lake) में तेज हवाओं के कारण एक क्रूज आंशिक रूप से डूब गया था, जिससे घबराहट में लोगों को बाहर निकालना पड़ा था। इसके बाद, पर्यटन विभाग ने पूरे राज्य में सुधारों का वादा किया था, जिसमें लाइफ जैकेट को अनिवार्य करना, मजबूत रेलिंग लगाना और जहाजों का सख्त निरीक्षण करना शामिल था।

Jabalpur Cruise Shink (2)

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इसके बाद होने वाले ऑडिट अनियमित रहे और कई नियमों का उल्लंघन जारी रहा। विभाग ने अब जांच के आदेश दिए हैं, जबकि पर्यटक और उनके परिवार पर्यटन स्थलों पर मौजूद जल निकायों में जवाबदेही और नियमों के सख्त पालन की मांग कर रहे हैं।

पर्यटकों ने उठाए सवाल

पर्यटक अशोक सक्सेना ने पूछा, "असली कार्रवाई होने से पहले ऐसी कितनी और घटनाएं होते-होते बचेंगी?" उन्होंने पिछली घटनाओं और आश्वासनों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई स्पष्ट बदलाव न होने पर सवाल उठाया।

सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और बचाव कर्मी बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं। जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह उन अधिकारियों में शामिल थे जो आपदा प्रतिक्रिया इकाइयों के कर्मियों के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे।

Jabalpur Cruise Shink (1)

उन्होंने कहा, "संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता सुनिश्चित कर रही है।"

कब से चल रही क्रूज सर्विस?

अधिकारियों ने बताया कि यह क्रूज सर्विस 15 साल से ज्दाया समय से इस बांध पर चल रही है। जबलपुर से लगभग 40 किमी. दूर स्थित बरगी बांध एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जो बोटिंग और क्रूज गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

बरगी बांध के बारे में

नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध राज्य के शुरुआती बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसका निर्माण 1974 से 1990 के बीच किया गया था। मुख्य रूप से सिंचाई और पनबिजली उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया यह बांध वर्तमान में लगभग 90 MW बिजली का उत्पादन करता है।

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