यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Toolkit case: एक्टिविस्ट, पर्यावरणविदों ने की दिशा रवि की रिहाई की मांग
एक संयुक्त बयान में 50 से अधिक शिक्षाविदों कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने रवि के समर्थन में आवाज उठाई और उनकी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, पीटीआइ। सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने जलवायु कार्यकर्ता दिश रवि की तत्काल रिहाई की मांग की है, जिन्हें 'टूलकिट' दस्तावेज़ मामले में गिरफ्तार किया गया था। साथ ही सरकार से भारत के युवाओं को निशाना बनाने से रोकने के लिए कहा गया है। पुलिस ने बताया कि रवि (22 वर्षीय) को शनिवार को बेंगलुरु से ग्रेटा थुनबर्ग के साथ केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान के विरोध से संबंधित टूलकिट साझा करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि रवि, 'टूलकिट' गूगल डॉक की संपादक हैं और दस्तावेज तैयार करने एवं इसके प्रसार में एक प्रमुख साजिशकर्ता हैं। वहीं, कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने गिरफ्तारी की निंदा की है।
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की सचिव कविता कृष्णन ने कहा कि रवि जैसे लोग भारत की सबसे अच्छी उम्मीद हैं क्योंकि उन्हें न सिर्फ खुद की बल्कि आने वाली पीढ़ियों की चिंता है। उन्होंने कहा, 'हम अभी लोकतंत्र की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं। अगर हम विरोध को साजिश के साथ जोड़ रहे हैं तो आप अब लोकतंत्र की बात नहीं कर रहे।'
उन्होंने आगे कहा कि गलत तरीके से बनाए गए मामले को बंद कर देना चाहिए। एक टूलकिट राजद्रोह नहीं है, यह साजिश नहीं है, टूलकिट विरोध के लिए है।
राइट्स एक्टिविस्ट शबनम हाशमी ने भी रवि की गिरफ्तारी के आधार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कोई भी किसी स्थानीय अभियान के लिए भी टूलकिट तैयार कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमें प्रधानमंत्री के अभियान टूलकिट को देखना चाहिए। हम बेहूदगी की हदें पार कर रहे हैं। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंसी का पात्र बनेंगे।
दिल्ली स्थित सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की प्रमुख सुनीता नारायण ने भी गिरफ्तार कार्यकर्ता को अपना समर्थन दिया। वहीं, नौ वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता लाइसिप्रिया कंगुजम ने इसे देश में युवा लड़कियों और महिलाओं की आवाज दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह इस देश में युवा लड़कियों और महिलाओं की आवाज़ को चुप कराने की कोशिश है। लेकिन यह हमें हमारे ग्रह और भविष्य के लिए लड़ने से नहीं रोकेगा।
एक संयुक्त बयान में, 50 से अधिक शिक्षाविदों, कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने रवि के समर्थन में आवाज उठाई और उनकी गिरफ्तारी को परेशान करने वाला बताया। पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ ने कहा कि यह घटना जलवायु कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरक साबित नहीं होगी।
