चेन्नई, प्रेट्र। तमिलनाडु सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष के. सिवन को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसरो प्रमुख ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी से पुरस्कार हासिल किया। पुरस्कार के तहत आठ ग्राम का स्वर्ण पदक, पांच लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

वर्ष 2015 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम के निधन के बाद तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने उनके नाम पर इस पुरस्कार की घोषणा की थी। यह पुरस्कार तमिलनाडु के रहने वाले उन लोगों को दिया जाता है, जो विज्ञान व प्रौद्योगिकी, मानवता व छात्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं।

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प्रशस्ति पत्र में इसरो प्रमुख को 'रॉकेट मैन' की उपाधि दी गई है। 62 वर्षीय सिवन वर्ष 1980 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की डिग्री पाने वाले परिवार के पहले सदस्य हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से एरोस्पेस इंजीनियरिंग की स्नातकोत्तर डिग्री हासिल करने के बाद वह इसरो से जुड़े। उन्हें डॉ. विक्रम साराभाई रिसर्च अवार्ड (1999) समेत कई पुरस्कार मिल चुके हैं। 

बता दें कि के सिवन ने वर्ष 1980 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। वर्ष 1982 में बेंगलुरु के IISC से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया। IIT बांबे से उन्होंने वर्ष 2006 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी पूरी की है। सिवान वर्ष 1982 में इसरो में आए और पीएसएलवी परियोजना पर उन्होंने काम किया। उन्होंने एंड टू एंड मिशन प्लानिंग, मिशन डिजाइन और मिशन इंटीग्रेशन एंड एनालिसिस में काफी योगदान दिया है। हाल ही में चंद्रयान -2 मिशन को लेकर के सिवन ने विश्व में ख्याति प्राप्ति की हुई है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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