लॉरेंस बिश्नोई से सीधे पूछताछ क्यों नहीं कर रही मुंबई पुलिस? केंद्र के एक आदेश ने बदला पूरा गेम; फिर उठा छोटा राजन का मामला
मुंबई पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश के कारण गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से सीधे पूछताछ नहीं कर पा रही ...और पढ़ें

केंद्रीय आदेश के कारण मुंबई पुलिस बिश्नोई से पूछताछ नहीं कर पा रही (जागरण ग्राफिक्स)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई पुलिस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ नहीं कर पा रही है। पिछले तीन सालों में शहर में हुए कम से कम चार बड़े अपराधों में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम सामने आया है।
इनमें सबसे हालिया मामला रविवार को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग का है, जिसका कारण उनका सलमान खान के साथ काम करना बताया जा रहा है। पुलिस ऐसा इसलिए नहीं कर पा रही क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश के तहत उसे गुजरात की साबरमती जेल से बाहर ले जाने पर रोक है।
केंद्र के एक आदेश से बदला पूरा गेम
केंद्र ने अगस्त 2023 में 'क्रिमिनल प्रोसीजर कोड' (CrPC) की धारा 268 के तहत यह आदेश जारी किया था। इसके तहत अन्य एजेंसियों द्वारा पूछताछ के लिए लॉरेंस बिश्नोई को जेल से बाहर ले जाने पर पाबंदी है।
हाल ही में, CrPC की जगह लेने वाली 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 303 के तहत इस आदेश को आगे भी लागू रखा गया है। इस आदेश के चलते अदालतों द्वारा जारी किए गए 'प्रोडक्शन वारंट' और एजेंसियों की ओर से हिरासत में पूछताछ की मांगें मान्य नहीं होंगी।
केंद्र ने क्यों लिया यह फैसला?
केंद्र सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय हिंसा के जोखिम को टालने के लिए लिया गया है।
अगर कोई एजेंसी लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करना चाहती है, तो वह किसी उच्च अदालत के आदेश पर, वीडियो लिंक के जरिए या फिर जेल परिसर के अंदर आकर ही ऐसा कर सकती है।
छोटा राजन कोभी मिली सुरक्षा
लॉरेंस बिश्नोई कोई पहले हाई-प्रोफाइल कैदी नहीं हैं जिन्हें इस तरह की सुरक्षा दी गई है। 2015 में, अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को भी ऐसी ही सुरक्षा दी गई थी।
इंडोनेशिया में गिरफ्तारी और भारत लाए जाने के बाद उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा गया था। तिहाड़ जेल में बंद राजन ने कई इंटरव्यू में दावा किया था कि मुंबई में उसकी जान को खतरा हो सकता है, क्योंकि मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारी उसके दुश्मन दाऊद इब्राहिम के लिए काम कर रहे थे।
लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल भी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है; पिछले साल अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद से उसे भी इसी तरह की सुरक्षा दी गई है।
2023 से साबरमती जेल में बंद हैं
पंजाब से लेकर राजस्थान, महाराष्ट्र और यहां तक कि विदेशों में भी कई मामलों का सामना कर रहा लॉरेंस बिश्नोई साल 2023 से अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद हैं। वह तब से वहीं हैं, जबकि इस दौरान उनके गिरोह पर बाहर लोगों की हत्या करने और उन्हें धमकाने के आरोप लगे हैं।
अप्रैल 2024 में वह मुंबई पुलिस के लिए खास दिलचस्पी का विषय बन गया, जब उसके गिरोह द्वारा कथित तौर पर काम पर रखे गए शूटरों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर - जो अभिनेता सलमान खान का घर है गोलियां चलाईं। पुलिस के अनुसार यह अभिनेता की हत्या करने की साजिश थी।
सलमान खान लंबे समय से निशाने पर हैं
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कहना है कि टाइगर श्रॉफ और अन्य लोगों पर हमले इसलिए हुए क्योंकि वे सलमान के करीबी हैं। रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के बाद गैंग ने फिर चेतावनी दी कि अगर सलमान खान लॉरेंस और जानवरों से प्यार करने वाले बिश्नोई समुदाय से माफी नहीं मांगते तो हम आपके परिवार में किसी को नहीं छोड़ेंगे, यहां तक कि आपके पालतू कुत्तों को भी नहीं'।
अक्टूबर 2024 में, बांद्रा में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई के लोगों का नाम सामने आया था। हालांकि पुलिस ने बिश्नोई को आरोपी बनाया, लेकिन वे उसे अपनी कस्टडी में लेने में फिर नाकाम रहे। बाद में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी को भी जबरन वसूली की धमकी मिली।
टाइगर श्रॉफ पर हमला
इस साल 18 अक्टूबर, रविवार की शाम जुहू में तीन हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली।
सोमवार को पुलिस ने राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हमलावरों का संबंध लॉरेंस बिश्नोई के साथी गैंगस्टर अनिल पंडित से पाया गया है, और संदिग्धों की योजना नेपाल भागने की थी।
बताया जा रहा है कि अनिल पंडित गैंग के कुछ अन्य सदस्यों के साथ अमेरिका में है; उसने सोशल मीडिया पर एक वॉयस नोट जारी करके हमले की जिम्मेदारी ली। मुंबई पुलिस अब तक इनमें से किसी भी मामले में लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ नहीं कर पाई है।
पुलिस का क्या है कहना?
कई अधिकारियों का मानना है कि शातिर अपराधियों से जानकारी उगलवाने के लिए उन्हें हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करना जरूरी है और वर्चुअल पूछताछ से कोई फायदा नहीं होगा।
नतीजतन, पुलिस को अपना दायरा केवल उन गुर्गों को गिरफ्तार करने तक सीमित रखना पड़ा है, जिन्होंने इस साजिश को अंजाम दिया या इसके लिए फंड और हथियार जुटाए।
टाइगर श्रॉफ के मामले ने राजनीतिक ध्यान भी खींचा है और BJP-शिवसेना-NCP सरकार ने कहा है कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया है कि वे लॉरेंस बिश्नोई को दी गई BNSS सुरक्षा को वापस लेने की मांग करें।
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