दमोह, राज्‍य ब्‍यूरो। मध्य प्रदेश के दमोह में बैंक के एटीएम सिस्टम को भ्रमित कर 10 लाख रुपये निकालने का बिरला मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान उन्होंने अपनी इस करतूत का लाइव डेमो भी पुलिस को दिया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा से लाखों रुपये निकल गए और बैंक प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। 

खाते से रुपये माइनस नहीं हुए और राशि भी निकल गई 

एटीएम सिस्टम को कंफ्यूज (भ्रमित कर) कर रुपये निकालने का संभवत: यह पहला मामला है, जिसमें खाते से रुपये माइनस नहीं होते और राशि भी निकल जाती है। हालांकि पुलिस ने बदमाशों के लाइव डेमो में बताई गई तकनीक को सुरक्षा की दृष्टि से उजागर नहीं किया है।

दो खाताधारक से हुई ठगी से हुआ मामला उजागर

दो खाताधारकों के खाते से हुई ऑनलाइन ठगी की शिकायत को दमोह के एसपी हेमंत चौहान ने गंभीरता से लिया। आरोपितों की धरपकड़ की गई। एसपी चौहान ने बताया कि देहात के मारा गांव निवासी प्रकाश पटेल और पायरा गांव निवासी क्रांति अहिरवार ने उनके खातों से रुपये निकलने की शिकायत की थी।

पुलिस ने नोहटा थाना के हटरी गांव निवासी अनिकेत शर्मा और सागरनाका चौकी क्षेत्र के सागरनाका निवासी सत्यम शर्मा को पकड़ा। तब उन्होंने पूछताछ में जो बताया, वह हैरान करने वाला था।

ऑनलाइन सीखी तकनीक

आरोपितों ने बताया कि उन्होंने एटीएम सिस्टम को 'भ्रमित' करने की तकनीक ऑनलाइन सीखी थी, उन्होंने दमोह शहर के कुछ एटीएम पर इसे आजमाया, लेकिन यह केवल एसबीआई के एटीएम पर ही काम कर पाई। आरोपितों ने अपने रिश्तेदार और परिचितों से व्यवसाय करने के नाम पर एटीएम कार्ड लिए थे। उन्हीं के जरिए ठगी को अंजाम दिया। आरोपित ने इसके बदले में रिश्तेदारों को कुछ रुपए भी दिए थे।

मप्र के दमोह में एसीआइ शाखा प्रबंधक भगवान सिंह चौहान ने कहा कि ऑनलाइन ठगी कर एटीएम से 10 लाख रुपये निकालने की सूचना पुलिस से मिली थी। आरोपितों की एटीएम से रुपये निकालने की तकनीक को हमने समझ लिया है। इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी है। इसकी जांच कराएंगे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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