जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। योग का ज्ञान रखने वालों के लिए अब विश्वविद्यालय और कालेजों में प्रवेश पाना आसान होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने योग में एक साल तक का डिप्लोमा रखने वालों को फिजियोथेरेपी के स्नातक कोर्सो के प्रवेश में सहूलियत देने का फैसला लिया है। आयोग ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालय और कालेजों को आदेश भी जारी किया है।

-विशेषज्ञ कमेटी ने की थी सिफारिश, विवि और कालेजों को अमल के दिए गए निर्देश

 -फिजियोथेरेपी के स्नातक कोर्स में प्रवेश लेने पर मिलेगी सहूलियत

यूजीसी ने यह निर्देश योग को बढ़ावा देने को लेकर गठित विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिश के बाद दिया है। कमेटी ने हाल ही में विश्वविद्यालय और कालेजों में फिजियोथेरेपी के स्नातक कोर्स में योग में डिप्लोमा रखने वालों को प्रवेश देने का प्रस्ताव दिया था। जिसे आयोग ने स्वीकार करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी मंजूरी मांगी थी। हाल ही में इस मंजूरी के मिलने के बाद यूजीसी ने यह निर्देश जारी किया है।

यूजीसी ने जारी निर्देश में साफ किया है कि योग में डिप्लोमा रखने वालों को यह सहूलियत सिर्फ विवि और कालेजों में चलाए जाने वाले फिजियोथेरेपी कोर्स में प्रवेश को लेकर ही मिलेगी। इसके लिए प्रवेश के इच्छुक छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान योग में डिप्लोमा होने की जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर ही छात्रों की मेरिट तैयार की जाएगी। यूजीसी ने कहा कि इस दौरान प्रवेश प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा।

मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक यूजीसी के इस निर्देश से योग की पढ़ाई की तरफ लोग तेजी से आकर्षित होंगे। साथ ही योग से जुडे कोर्सो की अहमियत भी बढ़ेगी। कमेटी के इसके अलावा भी योग को बढ़ावा देने को लेकर मंत्रालय को कई सुझाव दिए है। इनमें योग को स्कूली कोर्स में शामिल करने जैसे कई प्रस्ताव है। माना जा रहा है कि मंत्रालय इसे लेकर भी जल्द ही कोई फैसला ले सकता है।

गौरतलब है कि सरकार की रूचि को देखते हुए ही यूजीसी ने योग को बढ़ावा देने का यह कदम उठाया है। मंत्रालय ने इसे लेकर कमेटी का गठन भी इसी मंशा के तहत की थी।

 

By Bhupendra Singh