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तिरुवनंतपुरम, पीटीआई। केरल में बाढ़ की चपेट में आए लाखों लोगों के लिए हर तरफ से मदद के हाथ उठ रहे हैं। देश ही नहीं विदेशों में रह रहे भारतीय लोग भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उधर राजधानी तिरुवनंतपुरम की सेंट्रल जेल में बंद कैदी भी इसमें पीछे नहीं हैं। केरल का कोई भी बाढ़ पीड़ित भूखा ना रहे इसके लिए कैदी दिन-रात एक कर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

दरअसल, पूजाप्पुरा की सेंट्रल जेल के कैदी लोगों के लिए बड़ी संख्या में रोटी और सब्जी बना रहे हैं। जेल में पिछले कुछ सालों से कारोबार के लिए चपाती, सब्जी और चिकन करी जैसी कई खाद्य सामग्रियां 'फ्रीडम' नाम के ब्रांड से बेची जा रही हैं। कम कीमत वाले व्यंजन शहर में कई काउंटरों पर बेचे जाते हैं। जेल अधिकारियों के मुताबिक, बीते दिनों में बाढ़ पीड़ितों के लिए औसतन 40 से 50 हजार चपाती बनाई गईं।

मांग को पूरा करने के लिए 50 कैदियों की टीम अलग-अलग पालियों में दिन रात खाना बना रही हैं। राहत शिविरों में वितरण के लिए चपाती और सब्जी के पैकेट जिले के अधिकारियों को सौंपे गए हैं। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारे खाने के पैकेट मुख्य रूप से छतों और एकांत में बनी इमारतों में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से पहुंचाने के लिए हैं।’ 

Posted By: Manish Negi

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