हैदराबाद, आइएएनएस। भारत बायोटेक ने शुक्रवार को कहा कि उसकी कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण में 13 हजार वॉलंटियर्स को कोवैक्सीन की दूसरी डोज सफलतापूर्वक दी गई है। तीसरे चरण के परीक्षण के दौरान कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी देने पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे। भारत में शुरू हुए टीकाकरण अभियान में यह वैक्सीन भी लगाई जा रही है।

भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा इल्ला ने वैक्सीन के परीक्षण में भाग लेने के लिए वॉलंटियर्स का आभार जताया। कंपनी ने दो जनवरी को कहा था कि उसने तीसरे चरण के परीक्षण के लिए 23 हजार वॉलंटियर्स की व्यवस्था कर ली। इसके बाद कंपनी ने सात जनवरी को कहा कि तीसरे चरण के परीक्षण के लिए उसके पास 25,800 वॉलंटियर्स हो गए है। इसके अगले दिन यानी आठ जनवरी को देश के दवा नियामक ने कोवैक्सीन के प्रतिबंधित इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी। कंपनी को कुल 26 हजार वॉलंटियर्स पर कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल करना था।

कोवैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी वैक्सीन है, जिसका उत्पादन वेरो सेल उत्पादन प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है। पहले और दूसरे चरण के परीक्षण में कोवैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी पाई गई है। तीसरे चरण के परीक्षण के नतीजों का अभी आकलन नहीं किया गया है।

भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और पुणे स्थित भारतीय विषाणुविज्ञान संस्थान (एनआइवी) के साथ मिलकर इसका विकास किया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसके पहले चरण के नतीजों का प्रकाशन लैंसेट पत्रिका में हुआ है।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने कोवैक्सीन टीका लगवाया

कोवैक्सीन के प्रति स्वास्थ्यकर्मियों को भरोसा बढ़ाने और उनके डर व हिचक को दूर करने के लिए तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर खुद आगे और शुक्रवार को उन्होंने कोवैक्सीन का टीका लगवाया। चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल में टीका लगवाने के बाद विजयभास्कर ने कहा कि उन्होंने एक डॉक्टर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के सदस्य के रूप में टीका लगवाया है, मंत्री के तौर पर नहीं। उन्होंने अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से भी अपील की कि बारी आने पर वो जरूर टीका लगवाएं।

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