नई दिल्ली, प्रेट्र। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत के सबसे बड़े बैंक घोटाले में आरोपित मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर कैरेबियाई देश एंटीगुआ विचार कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को बताया कि एंटीगुआ और बरबुडा प्रशासन भारत की मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के निवेदन पर विचार कर रहा है। लेकिन यह अभी कहना मुश्किल है कि उसका फैसला क्या होगा। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रमंडल देश प्रत्यर्पण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत किसी ऐसे राष्ट्रमंडल देश को मेहुल चोकसी को सौंप सकता है जिससे विशेष प्रबंध करके या द्विपक्षीय समझौता करके चोकसी को भारत लाया जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि भारत ने विगत तीन अगस्त को एंटीगुआ के नागरिक बन चुके चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए अपील की थी। चोकसी विगत चार जनवरी को भारत से फरार हो गया था और 15 जनवरी को एंटीगुआ की नागरिकता की शपथ ले ली थी। उसकी नागरिकता को मंजूरी पिछले साल नवंबर में ही मिल गई थी।

इसी क्रम में, कर्नाटक पुलिस ने बेंगलुरु की एक अदालत में मेहुल चोकसी के खिलाफ वर्ष 2015 के 9.11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है।

भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी ने कुल 14,000 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला किया है।

दूसरी ओर, वित्त मामलों की स्थाई समिति को राजस्व विभाग ने बताया है कि इसी बीच, 14,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपित नीरव मोदी के खिलाफ आयकर विभाग ने तीन और नोटिस जारी किए हैं। यह नोटिस काले धन से विदेश में संपत्ति बनाने के संबंध में हैं।

आयकर विभाग नीरव मोदी की मुंबई, सूरत, जयपुर और दिल्ली समेत कई शहरों में 32 अचल संपत्तियों को जब्त कर चुका है। इसके साथ ही उसके 141 बैंक खाते और एफडी भी सीज हो चुके हैं। जिनका मूल्य करीब 145.74 करोड़ रुपये का है।

 

By Arun Kumar Singh