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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Air Force Day: IAF में छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों तक होते हैं इतने रैंक, एयर चीफ मार्शल करते हैं इसकी अगुवाई

By Shashank MishraEdited By:
Published: Sat, 08 Oct 2022 05:20 PM (IST)

Air Force Day भारतीय वायु सेना में सर्वोच्च पद मार्शल ऑफ द इंडियन एयरफोर्स (MIAF) होता है। जिसे युद्ध के ...और पढ़ें

भारतीय वायुसेना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है।
भारतीय वायुसेना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है।

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। भारतीय वायुसेना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है। भारतीय वायुसेना आज अपना 90 वां वायुसेना दिवस (Air Force Day) मना रही है। भारतीय वायु सेना की रैंक सिस्टम यूनाइटेड किंगडम की रॉयल वायु सेना पर आधारित है। यह भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बाद भारत के रक्षा बलों का तीसरा विंग है।

भारतीय वायु सेना में सर्वोच्च पद मार्शल ऑफ द इंडियन एयरफोर्स (MIAF)  होता है , जिसे युद्ध के दौरान असाधारण सेवा के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

अभी तक सिर्फ MIAF अर्जन सिंह ही इस रैंक को हासिल कर पाए हैं। आइए  वायुसेना दिवस पर आप को उन सभी रैंकों के बारे में बताते है जो भारतीय वायु सेना में हैं।

एयरफोर्स के सप्रीम कमांडर राष्ट्रपति होते हैं। इंडियन एयरफोर्स में तीन तरह के रैंक सिस्टम होते है

  • कमीशन्ड ऑफिसर
  • जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर
  • नॉन कमीशन्ड रैंक

इंडियन एयरफोर्स के कमीशन्ड ऑफिसर

मार्शल ऑफ द एयरफोर्स

मार्शल ऑफ द एयरफोर्स इंडियन एयरफोर्स की हाइएस्ट रैंक है। यह फाइव-स्टार रैंक है। मार्शल ऑफ द एयरफोर्स अर्जन सिंह, आईएएफ में एकमात्र मार्शल ऑफ द एयरफोर्स रहे हैं।

एयर चीफ मार्शल

यह इंडियन एयरफोर्स की दूसरी सबसे बड़ी रैंक है। यह फोर स्टार रैंक होती है। सिर्फ एयर चीफ मार्शल ही चीफ ऑफ द एयर स्टाफ की पोजिशन लेते हैं। यह इंडियन एयरफोर्स के प्रोफेशनल हेड और कमांडर होते हैं।

एयर मार्शल

इंडियन एयरफोर्स में यह तीसरी रैंक होती है। इस पर काफी सीनियर अधिकारी काबिज होते हैं।

एयर वाइस मार्शल

यह टू स्टार रैंक होती है।

एयर कमोडोर

यह स्टार कैटेगरी की सबसे जूनियर रैंक है। यह एक सिंगल स्टार रैंक होती है।

ग्रुप कैप्टन

यह सीनियर कमीशन्ड रैंक होती है। यह रैंक आर्मी के कर्नल के बराबर होती है।

विंग कमांडर

ग्रुप कैप्टन के बाद दूसरे नंबर की रैंक विंग कमांडर की होती है। हालांकि ये भी सीनियर कमीशन्ड रैंक कहलाती है।

स्क्वॉड्रन लीडर

विंग कमांडर के बाद स्क्वॉड्रन लीडर होते हैं।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट

यह भी कमीशन्ड एयर ऑफिसर की रैंक होती है, जो स्क्वॉड्रन लीडर के बाद आते हैं।

फ्लाइंग ऑफिसर

यह भी कमीशन्ड रैंक है। इसे एयरक्राफ्ट को उड़ाने वाले ऑफिसर्स के साथ ही ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर और एयर क्रू ऑफिसर्स भी होल्ड कर सकते हैं।

जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर कौन होते हैं

मास्टर वारंट ऑफिसर

जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर में यह हाइएस्ट रैंक होती है।

वारंट ऑफिसर

यह जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर में दूसरी सबसे बड़ी रैंक है।

जूनियर वारंट ऑफिसर

यह अधिकतर टेक्निकल लीडर होते हैं।

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नॉन कमीशन्ड रैंक

सार्जेंट

जूनियर वारंट ऑफिसर के बाद सार्जेंट की रैंक आती है।

कॉर्परल

यह मिलिट्री रैंक है, जो सैनिकों के समूह को देखते हैं।

लीडिंग एयरक्राफ्टमैन

टेक्निकल यह कोई रैंक नहीं है लेकिन यह एक टाइटल है।

एयरक्राफ्ट मैन

यह इंडियन एयरफोर्स की सबसे निचली रैंक है।

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