नई दुनिया, ग्वालियर। तेइस साल की महिला का उसके रिश्तेदार ने ही मानव तस्करों से सौदा कर दिया। बिहार के चंपारण से महिला को बहाने से ट्रेन से ले गए, जब महिला ने रास्ते में उनके इरादे भांप लिए तो वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से कूद गई।

यहां महिला को पुलिस ने देखा तो उसको महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दिया। महिला को शहर के जेएएच अस्पताल स्थित वन स्टॉप सेंटर में ठहराया गया है। महिला की क्षेत्रीय भाषा न समझ पाने के कारण दो दिन उससे बात नहीं हो सकी और महिला बाल विकास विभाग ने ट्रांसलेटर के माध्यम से बात कराई तो उसका घर बिहार के चंपारण स्थित बेतिया के बारे में पता चला। अब बेतिया पुलिस को जानकारी दे दी गई है। शुक्रवार को ग्वालियर पुलिस महिला को लेकर बेतिया रवाना होगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग को पुलिस के जरिये मंगलवार को जानकारी मिली थी कि एक महिला ट्रेन से उतरकर भागी है, उसे पकड़ लिया है, वह काफी डरी हुई है। उसकी भाषा यहां कोई समझ नहीं पा रहा था। वन स्टॉप सेंटर में पदस्थ बिहार की एक महिला के जरिये पीडि़त महिला की काउंसलिंग कराई तो पता चला कि वह बेतिया की रहने वाली है। महिला को नंदेउ (ननद का पति) काम के बहाने बेचने ले जा रहा था। महिला ने रास्ते में बातचीत के दौरान भांप लिया कि उसका सौदा कर दिया गया है। जैसे ही ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पर धीमी हुई वह कूदकर भाग गई।

बेतिया पुलिस ने कहा- थाने ले आओ, हम घर पहुंचा देंगे

महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिला को उसके घर सुरक्षित पहुंचाने बेतिया पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि बेतिया पुलिस में महिला की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है, इसलिए अधिकारिक तौर पर पुलिस टीम को ग्वालियर नहीं भेजा जा सकता। अब ग्वालियर पुलिस महिला को बेतिया लेकर जाएगी, जिसके बाद बेतिया पुलिस महिला को घर पहुंचाएगी। 

बेतिया निवासी महिला को उसका रिश्तेदार बेचने के लिए ले जा रहा था। महिला को अब सुरक्षित बेतिया भेजा जा रहा है।

-शालीन शर्मा, जिला महिला सशक्तीकरण अधिकारी, ग्वालियर

Posted By: Arun Kumar Singh