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बंगाल: कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से चाइना टाउन तक बदलेगी सूरत, नौ परियोजनाओं के लिए एनबीसीसी से करार

Published: Wed, 04 Nov 2026 03:07 AM (IST)

शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग तथा विभिन्न शहरी निकायों और संबंधित संस्थाओं के बीच नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन ...और पढ़ें

कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से चाइना टाउन तक बदलेगी सूरत (सांकेतिक तस्वीर)

कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से चाइना टाउन तक बदलेगी सूरत (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. नदी तटों के विकास से लेकर झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास और हॉकर जोन को व्यवस्थित करने की बनेगी योजना

  2. बैंकॉक मॉडल पर विकसित होंगे हॉकर जोन, गंगा किनारे मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकास की परिकल्पना

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने नौ महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू करने की पहल की है। इसके लिए शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग तथा विभिन्न शहरी निकायों और संबंधित संस्थाओं के बीच नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

एनबीसीसी को इन परियोजनाओं के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) नियुक्त किया गया है। मंगलवार को शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार लंदन, फ्रांस, बैंकाक और सिंगापुर की अच्छी शहरी व्यवस्थाओं से सीख लेकर बंगाल की जरूरतों के अनुरूप विकास करना चाहती है।

ऐतिहासिक इलाकों की पहचान बरकरार रखते हुए होगा विकास

नौ परियोजनाओं में कोलकाता के ऐतिहासिक कालेज स्ट्रीट और टेंगरा चाइना टाउन का पुनर्विकास प्रमुख है। कॉलेज स्ट्रीट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ उसकी पुस्तक बाजार की ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखने की योजना है।

वहीं, टेंगरा के चाइना टाउन को उसकी चीनी विरासत और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वास्तुकारों और सलाहकारों की मदद ली जाएगी।

इसके अलावा चंदननगर में नदी तट का विकास, बीएमसी क्षेत्र में सरकारी आवास परिसरों के पुनर्विकास की व्यवहार्यता का अध्ययन और विभिन्न शहरी इलाकों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।

कोलकाता, हावड़ा और बीएमसी क्षेत्रों में बैंकाक माडल पर हाकर जोन विकसित करने की भी योजना है। इसमें फूड स्ट्रीट, फूड कोर्ट, अस्थायी बाजार और मोबाइल फूड वाहनों जैसी व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।

झुग्गी बस्तियों और गंगा के दोनों किनारों के विकास पर जोर

कोलकाता की झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के जरिए वहां रहने वाले परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, गंगा के दोनों किनारों के विकास की महत्वाकांक्षी योजना में कोलकाता और हावड़ा के नदी तटीय इलाकों को मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित करने की परिकल्पना है।

इसमें चार लेन की सड़क, पैदल चलने वालों के लिए रास्ते, साइकिल ट्रैक, होटल और कार्यालय जैसी सुविधाएं शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त नवद्वीप के नदी घाटों का भी विकास किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं की योजना तैयार करने से लेकर क्रियान्वयन और निगरानी तक एनबीसीसी की भूमिका होगी।

सरकार ने गंगा तट विकास की व्यापक परिकल्पना में डायमंड हार्बर की ओर से एस्प्लेनेड तक मेट्रो संपर्क की संभावना भी प्रधानमंत्री कार्यालय के समक्ष रखी है। हालांकि, इस दिशा में कोलकाता पोर्ट, रेलवे, लोक निर्माण और परिवहन विभाग समेत कई संस्थाओं के बीच समन्वय की जरूरत होगी।

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