नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। पाकिस्तान की ना-नुकुर के बीच आखिरकार थार लिंक एक्सप्रेस ट्रेन पाकिस्तान पहुंच गई । कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से बौखलाए पाकिस्तान ने थार एक्सप्रेस ट्रेन बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को दोपहर बाद 3 बजकर 10 मिनट पर थार एक्सप्रेस बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुंच गई । पाकिस्तान के कराची शहर जाने वाली थार एक्सप्रेस यहां अपने निर्धारित समय पर शुक्रवार देर रात एक बजे जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन से रवाना हो गई थी,जो शनिवार सुबह बाड़मेर के मुनाबाव रेलवे स्टेशन पहुंची ।

 पाकिस्तान से ग्रीन सिग्नल नहीं मिल पाने के कारण 165 यात्रियों के साथ थार एक्सप्रेस ट्रेन मुनाबाव स्टेशन (भारतीय सीमा पर) पर खड़ी रही । यहां सीमा शुल्क विभाग की टीम यात्रियों की जांच की गई। वहीं भारतीय रेलवे और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने पाकिस्तान रेलवे के अधिकारियों से बात की । काफी देर तक चली बातचीत के बाद लाइन क्लीयर का संदेश मिलने के बाद ट्रेन से बॉर्डर पार किया। उसके बाद ट्रेन पाकिस्तान के खोखरापार पहुंची।

उधर, पाकिस्तान से भारत आने वाली थार लिंक एक्सप्रेस ट्रेन भी शुक्रवार रात कराची से रवाना होकर पाक के अंतिम रेलवे स्टेशन जीरो पाइंट पर पहुंची । वहां भारी बारिश के कारण ट्रेन करीब चार घंटे लेट हुई । इसके बाद भारतीय रेलवे ने मुनाबाव से अपनी ट्रेन को सीमा पर जीरो पाइंट तक भेजा । पाकिस्तान से भारत आने वाली ट्रेन में 165 यात्री ही आ रहे है । यह ट्रेन रविवार सुबह भगत की कोठी पहुंचेगी ।

84 पाकिस्तानी वतन लौटे
इस बार भारत से 84 पाकिस्तानी नागरिक अपने देश में लौटे तो 81 भारतीय नागरिक अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गए है । हालांकि ट्रेन के जाने और न जाने को लेकर चली असमंजस की स्थिति के कारण 17 यात्रियों ने अपने टिकट ऐनवक्त पर रद्द करवा लिए थे ।

पाक के रेल मंत्री के बयान से पैदा हुआ असमंजस
दरअसल, पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में घोषणा की थी कि यह जोधपुर से कराची जाने वाली आखिरी ट्रेन होगी। हालांकि, जोधपुर में भगत की कोठी स्टेशन से यात्री ट्रेन में इस आशंका के साथ रवाना हुए कि उनकी यात्रा राजस्थान के बाड़मेर जिले में सीमा पर आखिरी स्टेशन मुनाबाव में आकर खत्म हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि वाघा सीमा पर समझौता एक्सप्रेस सेवा बाधित होने के बाद ऐसी आशंका थी कि राजस्थान सीमा पर भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाली थार एक्सप्रेस को भी रोका जा सकता है। यह आशंका इसलिए भी थी कि इस्लामाबाद में पाक रेल मंत्री ने कहा था कि जब तक वह रेल मंत्री है तब तक थार और समझौता एक्सप्रेस की सेवाएं रद्द रहेगी।

उत्तर पश्चिमी रेलवे जोन के जोधपुर मंडल के मंडलीय जनसंपर्क अधिकारी गोपाल शर्मा ने कहा, 'ट्रेन 165 यात्रियों के साथ औपचारिकताओं के बाद निर्धारित समयानुसार शुक्रवार देर रात एक बजे जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी और शनिवार को दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर यह ट्रेन पाक सीमा में प्रवेश कर गई जो कराची पहुंचेगी ।

2006 से चल रही है यह ट्रेन
थार एक्सप्रेस 18 फरवरी 2006 से जोधपुर के भगत की कोठी स्टेशन से कराची के बीच हर शुक्रवार रात को चलती है। उससे पहले यह सेवा 41 वर्षों तक स्थगित रही थी। उसके बाद फिर 2006 में शुरू हुई थी । दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत 6 माह पाकिस्तान की ट्रेन चलती है जो कराची से भारत के बाड़मेर स्थित मुनाबाव रेलवे स्टेशन तक पहुंचती है।

वहीं 6 माह भारत की ट्रेन चलती है जो जोधपुर में भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से पाकिस्तान के सिंध प्रांत के खोखरापार तक जाती है । मुनाबाव भारत का अंतिम रेलवे स्टेशन है,जबकि खोखरापार पाकिस्तान का अंतिम रेलवे स्टेशन है ।

 

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Posted By: Arun Kumar Singh

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