'सीएम रेवंत रेड्डी के करीबी ने गेस्ट हाउस में बुलाया', तेलंगाना की महिला कारोबारी का गंभीर आरोप
तेलंगाना में एक महिला व्यवसायी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्हें अपने ...और पढ़ें

महिला कारोबारी ने सीएम रेवंत रेड्डी के करीबी पर लगया गेस्ट हाउस में बुलाने का आरोप(फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना में एक महिला व्यवसायी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हैदराबाद की आउटडोर विज्ञापन कंपनी मिथुना एड्स की प्रोपराइटर के. शोभा रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर यह मामला उठाया है।
महिला उद्यमी के अनुसार, मुख्यमंत्री के एक करीबी व्यक्ति ने उनके विज्ञापन व्यवसाय से जुड़े एक मामले पर बातचीत करने के लिए उन्हें 'गेस्ट हाउस' में बुलाया था। शोभा रेड्डी ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से आउटडोर विज्ञापन क्षेत्र में काम करने के लिए एक सही और वैध मौके की तलाश कर रही हैं।
उन्होंने सरकार के सामने यह प्रस्ताव भी रखा था कि जब तक नियमित टेंडर नहीं निकलते, तब तक के लिए एक अस्थायी व्यवस्था के तहत राजस्व साझा करने का मौका दिया जाए।
पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद तेलंगाना की मुख्य विपक्षी पार्टी बीआरएस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा लिया है। बीआरएस नेताओं ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से इस पर तुरंत स्पष्टीकरण देने और जवाब देने की मांग की है। बीआरएस नेता आरएस प्रवीण कुमार ने भी इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग उठाई है।
शोभा रेड्डी का दावा है कि उनके प्रस्ताव लंबित होने के बावजूद, नोटिस और नियमों के उल्लंघन के बाद भी शहर में कई विज्ञापन ढांचे जस के तस बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में G.O. Ms. No. 68 के तहत विशेष पायलट प्रोजेक्ट और छूट भी प्रदान की गई है।
गेस्ट हाउस में आने का दबाव
महिला उद्यमी ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए लिखा कि जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा आहत किया वह यह थी कि जब मैं अपनी वास्तविक समस्या को सरकार के समक्ष रखने का प्रयास कर रही थी, तब मैंने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे मैं आपके बेहद करीबी के रूप में जानती थी। मुझे मेरे मामले पर चर्चा करने के लिए सीधे एक गेस्ट हाउस में आने के लिए कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सार्वजनिक मंच पर किसी का नाम नहीं लेना चाहती हैं और न ही व्यक्तिगत आरोप लगाना चाहती हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि एक महिला उद्यमी के रूप में मैं दृढ़ता से मानती हूं कि ऐसे मामलों को केवल उचित, पारदर्शी और गरिमापूर्ण चैनलों के माध्यम से ही संभाला जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वह सरकार से कोई विशेष कृपा नहीं मांग रही हैं, बल्कि केवल एक वैध अवसर, समान व्यवहार और सम्मान चाहती हैं।
विपक्ष के हमले पर सरकार की चुप्पी
इस मुद्दे के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीआरएस नेता एम. कृशांक ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह करीबी सहयोगी आखिर कौन है और एक महिला उद्यमी को सरकारी काम के सिलसिले में गेस्ट हाउस में क्यों बुलाया गया।
फिलहाल, तेलंगाना सरकार, मुख्यमंत्री कार्यालय, कांग्रेस पार्टी या पुलिस की ओर से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
यह भी पढ़ें- तेलंगाना में डिवाइडर से टकराने के बाद कार में लगी आग, डॉक्टर की जलकर मौत
यह भी पढ़ें- BRS से कांग्रेस में शामिल होने वाले दानम नागेंद्र की विधायकी रद, तेलंगाना हाई कोर्ट ने पलटा स्पीकर का फैसला
