बेटे की चाहत में कर दी जुड़वां बेटियों की हत्या, पिता; दादा-दादी और चाचा गिरफ्तार
तेलंगाना के करीमनगर में दो जुड़वां बच्चियों की हत्या के आरोप में पिता, दादा-दादी और चाचा को गिरफ्तार किया गया ...और पढ़ें

बेटे की चाह में कर दी मासूम बच्चियों की हत्या। (सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना के करीमनगर में दो जुड़वां बच्चियों की हत्या के आरोप में पुलिस ने पिता, दादा-दादी और चाचा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि चार साल की जुड़वां बच्चियों की भयानक हत्या के पीछ परिवार की बेटा पाने की जिद थी। पुलिस ने इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
करीमनगर ग्रामीण सर्किल इंस्पेक्टर ए. निरंजन रेड्डी ने बताया कि जुड़वां बच्चियों के पिता, श्रीशैलम ने अपने माता-पिता अशोक और लावण्य और छोटे भाई राकेश के साथ मिलकर बच्चियों की हत्या की साजिश रची। उनका मानना था कि बेटियां परिवार पर बोझ बन जाएंगी।
श्रीशैलम को हमेशा बेटा ही चाहिए था- पुलिस
पुलिस ने बताया कि श्रीशैलम को कभी भी बेटियां नहीं चाहिए थीं, उसे हमेशा बेटा ही चाहिए था। यहां तक कि अपनी पत्नी की प्रेग्नेंसी के दौरान भी, जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी के गर्भ में जुड़वां बेटियां हैं, तो उस ने अपनी पत्नी पर गर्भपात करवाने का दबाव डाला।
दादा-दादी को जुड़वां बेटियों का जन्म पसंद नहीं आया
पुलिस के अनुसार, श्रीशैलम ग्रेजुएट है और कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता है, उसकी शादी 2020 में मोनिका से हुई थी। जब 2022 में इस जोड़े को जुड़वा बेटियां हुईं, तो उसने कथित तौर पर उन्हें अपनाने से इनकार कर दिया। बच्चियों के जन्म के बाद वह अस्पताल में उनके पास भी नहीं गया। उसके माता-पिता और छोटे भाई को भी जुड़वां बेटियों का जन्म पसंद नहीं आया।
बच्चियों को लेकर पत्नी से झगड़ा करता था श्रीशैलम
पुलिस ने बताया कि श्रीशैलम अक्सर अपनी पत्नी से झगड़ा करता था और आखिरकार उसने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के घर भेज दिया। जांचकर्ताओं ने बताया कि श्रीशैलम का मानना था कि उसकी संपत्ति, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये थी, बच्चियों की शादी में खर्च हो जाएगी।
अधिकारी ने कहा, "उसे लगता था कि बेटियों की वजह से उसकी सारी संपत्ति खत्म हो जाएगी। उसके माता-पिता और भाई की सोच भी बिल्कुल वैसी ही थी। आखिरकार, उन चारों ने मिलकर बच्चों को खत्म करने की साजिश रची।" जांच के अनुसार, परिवार ने अपराध करने से चार दिन पहले ही बच्चियों की हत्या की साजिश रच ली थी।
बहाना बनाकर बच्चियों को खेल गया पिता
3 अप्रैल की दोपहर को, श्रीशैलम ने कथित तौर पर अपनी पत्नी से घर पर ही रुककर मटन करी बनाने को कहा और बच्चियों को यह कहकर परिवार के खेत में ले गया कि वह जल्द ही वापस आ जाएगा। पुलिस ने बताया कि उसने जान-बूझकर ऐसा समय चुना जब खेतों में कोई किसान न हो। जब बच्चे खेल रहे थे, तो उसने उन्हें कुएं के पास बिठा दिया।
दोनों बेटियों को कुएं में धक्का दिया
श्रीशैलम ने सबसे पहले एक लड़की, गीतान्विका को कुएं में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी बच्ची, गीतांशी, पानी में संघर्ष करती रही और बचने की कोशिश करती रही।
सर्किल इंस्पेक्टर ने कहा, "जब उसे एहसास हुआ कि वह अभी भी जिंदा है, तो वह खुद कुएं में उतर गया और अपने ही हाथों से उसे डुबोकर मार डाला। यह एक बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश थी।"
बच्चियों का हत्या के बाद किया मदद का नाटक
पुलिस ने बताया कि हत्याओं के बाद, श्रीशैलम ने बचाव का झूठा नाटक रचा और मदद के लिए चिल्लाया ताकि यह एक हादसा लगे। जब मां मोनिका उसकी चीखें सुनकर खेत में पहुंची, तो उसने देखा कि एक बेटी कुएं के पास पड़ी है और दूसरी अभी भी लापता है। गांव वाले और किसान घटनास्थल पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला।
निरंजन रेड्डी ने कहा, "जब उससे पूछताछ की गई, तो श्रीशैलम ने झूठ बोला और कहा कि वह घास काटने गया था और बाद में उसे पता चला कि लड़कियां लापता हैं। लेकिन गाँव वालों को शक हो गया क्योंकि उसकी कहानी बार-बार बदल रही थी।"
पुलिस ने सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार
कथित तौर पर, गुस्साए गांव वालों ने पुलिस के दखल देने से पहले श्रीशैलम की पिटाई कर दी। जांचकर्ताओं ने बताया कि बाद में वह घटनास्थल से भाग गया और अपने माता-पिता और भाई को बताया कि योजना सफल हो गई है। इसके बाद चारों आरोपी गोपालपुर में एक रिश्तेदार के घर छिप गए, जहां से उन्हें ढूंढ़ निकाला गया और गिरफ्तार कर लिया गया।
