TCS नासिक कांड: नौकरी के बहाने 7 महिला पुलिसकर्मियों ने 40 दिनों तक चलाया सीक्रेट ऑपरेशन; खोला यौन शोषण का राज
नासिक में सात महिला पुलिस अधिकारियों ने एक मल्टी-नेशनल कंपनी (TCS) में यौन उत्पीड़न का बड़ा मामला उजागर किया। उन्होंने ...और पढ़ें

यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर जाती पुलिस।
HighLights
सात महिला पुलिस अधिकारियों ने यौन उत्पीड़न का पर्दाफाश किया
40 दिनों तक गुप्त रूप से काम करके आरोपियों को पकड़ा
TCS ने 7 कर्मचारियों को निकाला, HR मैनेजर भी गिरफ्तार
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नासिक में सात महिला पुलिस अधिकारियों ने मिलकर यौन उत्पीड़न के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया हैं। जानकारी के अनुसार, इन पुलिस अधिकारियों ने पहले अपनी पहचान छिपाकर नासिक की एक मल्टी-नेशनल कंपनी (TCS) में काम शुरू किया। इसके बाद मुख्य आरोपी को महिला कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद सभी को गिरफ्तार किया गया।
40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मीडिया रिपोर्ट की माने तो, मीटिंग के दौरान इनके साथ गलत दुर्व्यवहार किया जाता था। इसको लेकर फिलहाल पुलिस 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज क्लिप्स की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मिल सके। लोगों के अुनसार इस मल्टी-नेशनल कंपनी में पिछले चार सालों से महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न किया जा रहा था। इसके साथ ही उनके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का भी काम किया जा रहा था।
इन सभी आरोपों अब तक छह लोगों के खिलाफ नौ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें एक टीम लीडर और मानव संसाधन (HR) प्रतिनिधि भी शामिल हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की उम्र आम तौर पर 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। HT की रिपोर्ट के अनुसार, मामले का पर्दाफाश होते ही कंपनी ने सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी ने एक बयान भी जारी किया, जिसमें कहा गया कि वह पुलिस के साथ सहयोग कर रही है।
HR मैनेजर ने शिकायत वाली ई-मेल को किया था इग्नोर
वहीं, अन्य आरोपियों में कंपनी की HR मैनेजर भी शामिल है, जो फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि उस पर आरोप है कि जब पीड़ित कर्मचारियों में से एक ने उसे इस मुद्दे पर ई-मेल किया, तो उसने कोई दखल नहीं दिया; इन आरोपों के बाद वह भी मैनेजमेंट की निगरानी में है। बता दें कि, सात कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला 7 अप्रैल को उनकी गिरफ्तारी के बाद लिया गया।
पुलिस ने मामले में 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच अलग-अलग चरणों में कुल आठ FIR दर्ज की। वहीं, यह मामला सबसे पहले तब सामने आया जब 26 मार्च को एक महिला कर्मचारी ने देवलाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने अपने एक सीनियर पर रेप का आरोप लगाया।
नासिक शहर के पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जो मामले की तह तक जांच करके अपनी रिपोर्ट जमा करेंगे, इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों की माने तो सभी आरोपियों के व्यवहार पर नजर रखने के लिए, फरवरी में गुप्त रूप से काम शुरू किया गया था। इस दौरान 40 दिनों तक सूचनाओं की पुष्टि की गई। इसके लिए पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के मार्गदर्शन में सारी योजना बनाई गई थी।
