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तमिलनाडु: वीरमणि केस में थलपति विजय ने लिया स्टालिन का नाम, पूछा- DMK से क्या है कनेक्शन?

Published: Fri, 25 Sep 2026 06:53 PM (IST)

सीएम विजय ने वीरमणि मामले में DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन से जवाब मांगा, आरोप लगाया कि पिछली DMK सरकार ने ...और पढ़ें

सीएम विजय ने वीरमणि मामले पर स्टालिन से जवाब मांगा (फोटो-रॉयटर्स)

सीएम विजय ने वीरमणि मामले पर स्टालिन से जवाब मांगा (फोटो-रॉयटर्स)

HighLights

  1. सीएम विजय ने वीरमणि मामले पर स्टालिन से जवाब मांगा।

  2. पिछली DMK सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

  3. TVK सरकार ने केस फिर खोला, आरोपी गिरफ्तार।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने DMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन से वीरमणि मामले के बारे में बोलने को कहा। विजय ने एम. के. स्टालिन से कहा, 'स्टालिन सर कुछ बोलिए।'उन्होंने स्टालिन पर वीरमणि के साथ मिले होने का आरोप लगाया।

विजय का DMK सरकार पर आरोप

मुख्यमंत्री विजय ने DMK सरकार पर आरोप लगाया है कि पिछली DMK सरकार के दौरान शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन इस पूरे मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने तत्कालीन सीएम पर इस मामले और उसके इतिहास को दबाने का आरोप लगाया है।

के.मरगथम कुमारवेल के इस्तीफे के कारण 6 अक्तूबर को उपचुनाव होना है इसके प्रचार के दौरान ही विजय ने स्टालिन से सवाल करते हुए पूछा, 'तमिलनाडु पूछ रहा है कि क्या डील हुई थी।

स्टालिन सर, कुछ बोलिए' उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'आपके साथ मिलकर AIADMK भी कुछ नहीं बोल रही है, क्या इस मामले में भी मिली भगत है, क्या इस मामले भी समझौता करके आप चुप रहेंगे?'

DMK सरकार में FIR के बाद भी गिरफ्तारी नहीं

पुलिस सूत्रों के मुताबिक वीरमणि के खिलाफ FIR तो दर्ज की गई थी लेकिन DMK सरकार के दौरान वीरमणि की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। और मामले को कमजोर और कम सबूत होने का हवाला देकर बंद कर दिया गया था।

TVK सरकार ने केस दोबारा शुरू किया

हाल ही में TVK सरकार के दौरान स्पेशल POCSO कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट यानी मामला बंद करने की रिपोर्ट को मानने से मना कर दिया और आगे की जांच का आदेश दिया।

जांच के बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही जांच कर रही पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पीड़ित नाबालिग लड़की का भी पता लगा लिया गया है और मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज कर लिया गया है।

कई और महिलाओं की भी हुई पहचान

नाबालिग पीड़ित लड़की की पहचान के बाद पुलिस ने अदालत को बताया कि इस केस से जुड़ी कई अन्य महिलाओं की भी पहचान हुई है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं, जो इन घटनाओं के समय नाबालिग थीं।

क्या है मामला?

पुलिस के अनुसार, यह मामला अक्टूबर 2025 में पिछली DMK सरकार के समय तब सामने आया जब बाल अधिकार कार्यकर्ता ने एंटी-वाइस स्क्वाड से संपर्क किया।

एंटी-वाइस स्क्वाड (AVS) द्वारा नाबालिग लड़कियों के कथित बलात्कार का मामला दर्ज किए जाने के बाद, 29 अगस्त को वीरमणि और उसके दो कथित साथियों को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद तीनों आरोपियों को पुझल सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक USB ड्राइव मिली जिसमें एक वीडियो क्लिप थी ।

इस क्लिप में कथित तौर पर वीरमणि एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण करते हुए दिख रहा था इस पूरे मामले की जांच के दौरान पीड़ित लड़की की पहचान हुई और ये बताया गया कि 2019 में जब ये अपराध हुआ था उस समय वह नाबालिग थी।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या पिछली जांच को प्रभावित करने के लिए कोई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या बिचौलियों का इस्तेमाल किया गया था।

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