विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

तमिलनाडु में 'राज्य गीत' पर महाभारत: थलापति सरकार के शपथ समारोह में लास्ट में बजा 'तमिल गाना', भड़के सहयोगी

Published: Thu, 21 May 2026 03:47 PM (GMT+05:30)

अभिनेता से राजनेता बने विजय की तमिलनाडु सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में राज्य गीत 'तमिल थाई वाज़्थु' को आखिर में बजाने पर विवाद खड़ा हो गया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय 

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार में एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को जब 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, तब राज्य गीत 'तमिल थाई वजथु' को सबसे आखिर में बजाया गया। इसी को लेकर बवाल शुरू हो गया।

10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ समारोह में भी यही क्रम अपनाया गया था, जिससे भारी नाराजगी फैली थी। इस बार भी समारोह में सबसे पहले 'वंदे मातरम', फिर राष्ट्रगान 'जन गण मन' और अंत में तमिल प्रार्थना गीत बजाया गया।

गवर्नर कार्यालय पर फोड़ा ठीकरा

तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने साफ किया कि यह फैसला लोक भवन (गवर्नर कार्यालय) द्वारा लिया गया था। पार्टी ने कहा कि विधानसभा के कार्यक्रमों में तमिल गान सबसे पहले बजाया जाएगा। TVK ने केंद्र सरकार के एक सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि गवर्नर को इसका पालन करना पड़ा।

पार्टी के नेता नांजिल संपत ने कहा, 'इस समारोह का आयोजन लोक भवन ने किया था, इसलिए तमिल गान आखिर में रखा गया। तमिलनाडु सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है।'

विपक्ष और सहयोगियों की नाराजगी

मुख्य विपक्षी दल DMK ने इस घटना पर तीखा हमला बोला है। DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने एक्स पर लिखा, 'आपने जो गारंटी दी थी, उसका क्या हुआ?' उन्होंने TVK पर तमिल अधिकारों की रक्षा करने में नाकामी का आरोप लगाया।

CPI सचिव एम. वीरपांडियन ने इसे 'स्थापित परंपरा का उल्लंघन' बताया और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस ने भी इसे 'बहुत ही अनुचित' करार दिया और BJP पर राज्यपाल के माध्यम से राजनीति करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसद एस. जोतिमणि ने कहा, 'तमिलनाडु में हमारा राज्य गीत है, जिसे हम गर्व से गाते हैं। पिछली बार आश्वासन के बावजूद फिर वही हुआ। यह तमिल भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।'

MDMK का कड़ा विरोध

मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (MDMK) के महासचिव वाइको ने 'वंदे मातरम' को राज्य सरकार के कार्यक्रमों में शामिल किए जाने का विरोध किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के आधिकारिक कार्यक्रमों में सबसे पहले 'तमिल थाई वजथु' और फिर 'जन गण मन' बजाया जाना चाहिए। वाइको ने तमिलनाडु सरकार से अपील की कि वह किसी भी स्थिति में 'वंदे मातरम' को अपनी कार्यक्रमों में जगह न दे।

यह भी पढ़ें- तमिलनाडु का CM बनते ही थलापति Vijay की Jana Nayagan के लिए छिड़ी जंग, इस OTT प्लेटफॉर्म का हुआ बड़ा नुकसान!

यह भी पढ़ें- एक्शन में थलापति: शराब की दुकानों से NO पोस्टर-बैनर तक... सीएम विजय के 5 बड़े फैसले