यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सरकार चलाना और देश चलाना दो अलग बातें: मोदी
भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए लंबे साक्षात्कार में सभी सवालों के सपाट, ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए लंबे साक्षात्कार में सभी सवालों के सपाट, संजीदा और बेबाक जवाब दिए। प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना को उन्होंने महज चुनावी दंगल करार देते हुए कहा कि चुनाव बाद का माहौल अलग होता है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना और देश चलाना दो अलग बातें हैं। सरकार को चलाने के लिए संसद के भीतर अंकगणित की जरूरत होती है और देश की जनता हमें पूरा समर्थन दे रही है। देश चलाने के लिए संसद पहुंचे हर प्रतिनिधि और अच्छे विपक्ष के साथ की जरूरत होती है। देश को चलाने के लिए कांग्रेस का साथ भी लिया जाएगा। पाकिस्तान से बातचीत के मसले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकी गतिविधियों के साथ बात नहीं की जा सकती। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर मोदी ने कहा कि इसका फैसला पार्टी करेगी।
मोदी ने कहा कि अगर भाजपा को 300 सीटें भी मिल जाती हैं, तो भी लोकतंत्र में जिम्मेदारी है कि मैं हर पार्टी, यहां तक कि अपने प्रतिद्वंद्वी दलों और मेरी आलोचना करने वालों का भी पूरा सम्मान करूं। सरकार चलाने के लिए देश मुझे सीटें दे देगा। मुझे देश चलाने के लिए हर किसी के सहयोग की जरूरत होगी। यह मेरी जिम्मेदारी है। मेरे लिए किसी पार्टी का एक भी जीता हुआ प्रत्याशी 125 करोड़ लोगों के बराबर मूल्यवान है, क्योंकि वह उनका प्रतिनिधि है। जब उनसे कहा गया कि ममता बनर्जी, मायावती यहां तक कि जयललिता ने भी आपकी आलोचना की है तो क्या आप उन्हें भी साथ लेकर चलेंगे, तो मोदी ने कहा, 'राजनीति वह नहीं है जो चुनाव प्रचार के दौरान दिखती है। चुनाव में माहौल बिल्कुल अलग होता है। हर पार्टी अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करती है। जब मोदी को पीएम प्रत्याशी घोषित किया गया था, तब पूरी मीडिया यही कह रही थी कि भाजपा के साथ कोई पार्टी गठबंधन नहीं करेगी। देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार हुआ है कि चुनाव पूर्व भाजपा के पास 25 दलों का समर्थन है।'
पाकिस्तान के साथ शांति के लिए बातचीत पर मोदी ने पूछा कि क्या बम धमाके, गोलीबारी और बातचीत एकसाथ चल सकती है। उन्हें पहले धमाके और गोलीबारी बंद करनी होगी। इसके बाद ही बातचीत हो सकती है और इस पर पूरी संसद एकमत है। किसी को भी इसे बदलने का अधिकार नहीं है। अगर देश की सरकार मजबूत हो तो समाधान खुद मिल जाते हैं। अगर सरकार मजबूत हो तो पड़ोसी, साथी और बाकी सभी खुद सही रहते हैं। बांग्लादेश से आए लोगों को नागरिकता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में 150 साल पहले भी गया भारतीय मूल का व्यक्ति अगर भारत वापस आना चाहेगा तो उसका स्वागत है। यह उसका अधिकार है।
