नई दिल्ली। बांग्लादेश रवाना होने से पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपने दौरे के बारे में बातचीत की।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सुषमा ने ममता को फोन किया और उन्हें अपने दौरे के बारे में बताया। बांग्लादेश प्रवास के दौरान सुषमा वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों के बारे में बातचीत करेंगी। इन मुद्दों में भूमि सीमा करार (एलबीए), प्रस्तावित तीस्ता नदी करार व बांग्लादेशियों के अवैध ढंग से भारत में रहने का मुद्दा शामिल है। सुषमा व ममता के बीच क्या बातचीत हुई, इसका विस्तृत ब्योरा देने से सूत्रों ने इन्कार कर दिया।

सुषमा को फोन करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है,क्योंकि इससे पहले ममता ने कांग्रेस के नेतृत्ववाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार को बांग्लादेश के साथ तीस्ता नदी के जल बंटवारे के समझौते पर हस्ताक्षर करने से रोक दिया था। वर्ष 2011 में ममता कांग्रेस के नेतृत्व वाले संप्रग में शामिल थीं, तब भी उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बांग्लादेश यात्रा से खुद को अलग कर भारत-बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल बंटवारा करार का विरोध किया था। इसी के बाद वह करार स्थगित कर दिया गया था।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल से उम्मीद है कि वह बांग्लादेशियों के भारत में अवैध प्रवास व वहां के बाजार तक भारत की पहुंच का मुद्दा उठाएगा। बांग्लादेश एलबीए व तीस्ता नदी जल करार का मुद्दा उठा सकता है प्रतिनिधिमंडल इसके लिए तैयार है।

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