नई दिल्‍ली, एएनआइ। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मयम स्‍वामी ने पीडीपी नेता मुजफ्फर बेग ने उन्‍मादी हिंसा (मॉब लिंचिंग) के बयान की निंदा की है। उन्‍होंने सवाल किया कि क्‍या इन घटनाओं के लिए सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। बेग ने पीडीपी के एक समारोह में धमकी दी थी कि गाय और भैंसों के नाम पर मुसलमानों की हत्‍या नहीं रुकी तो भारत का एक और विभाजन हो सकता है।

स्‍वामी ने कहा कि इन धमकी का क्‍या उपयोग है, जब उप मुख्‍यमंत्री होने के बाद भी कश्‍मीर में कुछ भी नहीं रोक सके। आज इन बातों को करके पाकिस्‍तान के प्रोपगंडा को आगे बढ़ा रहे हैं। इन सबका आखिर क्‍या आधार है? क्‍या वह इन घटनाओं के लिए सरकार पर आरोप लगा रहे हैं? उन्‍हें डरपोक नहीं होना चाहिए। उन्‍हें अपनी बात खुलकर कहनी चाहिए। हमें इन बातों की निंदा करनी चाहिए जो वातावरण में जहर घोल रही है। बेग गाय को बचाने के नाम पर उन्‍मादी भीड़ की हिंसा और हत्‍याओं का जिक्र कर रहे थे।

21 जुलाई को गाय की चोरी के नाम पर उन्‍मादी भीड़ ने राजस्‍थान के अलवर में अकबर खान की हत्‍या कर दी थी। वह नजदीक के एक जंगल से गायों को लालावंडी इलाके में ले जा रहे थे, तब स्‍थानीय लोगों ने घेर कर बुरी तरह से पिटाई की थी। उन्‍मादी भीड़ की हिंसा की घटनाएं देश में लगातार बढ़ रही हैं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2014 से लेकर 3 मार्च 2018 तक नौ राज्‍यों में उन्‍मादी भीड़ की हिंसा की 40 घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 45 लोगों की मौत हो चुकी है। 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उन्‍मादी भीड़ की हिंसा पर कानून बनाने के लिए कहा है और ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई के लिए भी कहा।  

Posted By: Arun Kumar Singh