सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, बीजेपी ने ममता सरकार को घेरा
सुवेंदु अधिकारी के काफिलो पर हमला हुआ है। तृणमूल कांग्रेस के झंडे लिए भीड़ ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हिंसा का दौर तेज हो गया है। शनिवार, 10 जनवरी की रात पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ।
सुवेंदु अधिकारी पर हुए इस हमले ने राज्य से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है। इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
सुवेंदु अधिकारी पर हमला
जानकारी के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी पुरुलिया में एक कार्यक्रम के बाद कोलकाता लौट रहे थे, तभी चंद्रकोना रोड मार्केट के पास तृणमूल कांग्रेस के झंडे लिए भीड़ ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बांस की लाठियों से उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी पर हमला किया।
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि यह हमला काफी देर तक चलता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस घटना के विरोध में भाजपा नेता चंद्रकोना थाने के फर्श पर ही धरने पर बैठ गए। हमले के वीडियो फुटेज अब गृह मंत्रालय को भेज दिए गए हैं।
भाजपा का प्रहार, 'ममता के इशारे पर हुई हिंसा'
अधिकारी पर हुए हमले के बाद भाजपा नेतृत्व ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा, 'यह हमला तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर किया गया है।' अमित मालवीय ने आरोप लगाया, 'सत्ता खोने के डर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं।'
केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जानबूझकर राज्य में अस्थिरता पैदा कर रही हैं ताकि केंद्र को कड़े कदम उठाने पर मजबूर किया जा सके और वे सहानुभूति बटोर सकें।
मजूमदार ने मांग की कि बंगाल में निष्पक्ष चुनाव के लिए अभी से केंद्रीय बलों की तैनाती की जानी चाहिए। यह विवाद केवल हमले तक सीमित नहीं रहा। भाजपा ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए ईडी की हालिया कार्रवाई को जायज ठहराया है। जवाब में, तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बता रही है।
इस हमले के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और अधिक गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।
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