सुवेंदु के सचिव की हत्या मामले में पड़ोसी राज्यों के शूटरों पर गहराया शक, बिहार-यूपी पहुंची बंगाल एसआईटी
भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या की घटना में पड़ोसी राज्यों के ...और पढ़ें

सुवेंदु के सचिव की हत्या मामले में पड़ोसी राज्यों के शूटरों पर गहराया शक (फोटो- एएनआई)
HighLights
सीमावर्ती जिलों के थानों ने तेज किया तलाशी अभियान, हत्याकांड में शामिल थे सात से आठ लोग
करीब डेढ़ महीने पहले रची गई थी हत्या की साजिश, बनाया था वाट्सअप ग्रुप, लखनऊ पहुंची एसआइटी
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या की घटना में पड़ोसी राज्यों के पेशेवर शूटर की संलिप्तता का संदेह है। इसके मद्देनजर बंगाल के सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों ने निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
सुपारी किलरों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है
इस कड़ी में बंगाल समेत दूसरे राज्यों की जेलों में बंद पेशेवर शूटरों और सुपारी किलरों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ की हत्या की साजिश करीब एक से डेढ़ महीने पहले रची गई थी।
पुलिस उन स्थानीय अपराधियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने हमलावरों को संभवत: साजो-सामान और अन्य सहायता उपलब्ध कराई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए बिहार से दो शार्प शूटर बुलाए गए थे। कहा जा रहा है कि एक स्थानीय अपराधी ने इन शार्प शूटरों के ठहरने और आने-जाने के लिए गाड़ियों का इंतजाम कराया।
सूत्रों के अनुसार इस हत्या के लिए 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई हो सकती है। मालूम हो कि बुधवार रात 10:30 बजे मध्यमग्राम के दोहारिया में दो बाइक व कार से आए बदमाशों ने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से चंद्रनाथ को कार में गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में चालक को भी गोली लगी थी।
घटना की जांच के लिए राज्य सरकार ने सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। घटना के 45 घंटे से अधिक समय बाद भी पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है ना ही हत्या के मकसद का पता चल पाया है।
अपराधियों ने बनाया था वाट्सएप ग्रुप
पुलिस का अनुमान है कि हत्याकांड में सात से आठ लोग शामिल थे। इन्होंने सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था। अपराधियों में दो शार्प शूटर शामिल थे।
पुलिस ने हत्याकांड में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक को भी उत्तर 24 परगना के बारासात से बरामद कर लिया है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज की जांच से एक लाल रंग की कार के बारे में पता चला है। माना जा रहा है कि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अपराधी उसी कार के जरिए फरार हो गए।
लखनऊ पहुंचे विशेष जांच दल के सदस्य
इस हत्याकांड की जांच के सिलसिले में विशेष जांच दल के सदस्य लखनऊ पहुंचे है। दरअसल चंद्रनाथ की गाड़ी को रोकने के लिए जिस कार का इस्तेमाल किया गया था, उस पर लगाया गया नंबर प्लेट सिलीगुड़ी निवासी जेम्स विलियम्स के नाम पर दर्ज है।
उसने अपनी कार को बेचने के लिए विज्ञापन भी दिया था। उसकी कार को खरीदने के लिए उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों ने संपर्क किया था, उन्हीं से पूछताछ के लिए पुलिस लखनऊ पहुंची है।
